फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पड़ताल: क्या कोरोना संक्रमण से मारे गए व्यक्ति के परिजनों को ईडीएलआई के तहत मिलता है सात लाख रुपये का बीमा लाभ

Sat, 15 May 2021 09:17 AM IST
Jeet Kumar बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अब किसी खाताधारक की मौत पर कम से कम बीमा राशि को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये और अधिकतम धनराशि को बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 

हाल ही में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के गोल्ड मेडलिस्ट सार्थक आहूजा का लिंक्डइन पर शेयर किया गया एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ था। इसमें दावा किया गया था कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी की कोविड 19 से  मौत होती है तो परिजनों को इंप्लोई डिपोजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (ईडीएलआई) के तहत 7 लाख रुपये मिल सकते हैं। इस खबर में कितनी सत्यता है, आइए इसकी पड़ताल करें। 

विज्ञापन


ये दावा सही है 
पड़ताल में पता चला कि ये खबर सही है। श्रम मंत्रालय ने डेथ इंश्योरेंस बेनिफिट की राशि को बढ़ाने का फैसला किया है। संकट के इस समय में एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम, 1976 के तहत दी जाने वाली बीमा राशि की सीमा बढ़कर सात लाख रुपये हो गई है।

अब किसी खाताधारक की मौत पर कम से कम बीमा राशि को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये और अधिकतम धनराशि को बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके पहले यह रकम 2 लाख रुपये और 6 लाख रुपये तक मिलती थी। इसका फायदा ईपीएफओ के पांच करोड़ सब्सक्राइबर्स को मिलेगा।
विज्ञापन


कब कर सकते हैं क्लेम?
सरकार की ईडीएलआई योजना के तहत क्लेम मेंबर एम्प्लॉई के नॉमिनी की ओर से एम्प्लॉई की बीमारी, दुर्घटना या स्वाभाविक मृत्यु होने पर किया जाता है। यह कवर उन कर्मचारियों के पीड़ित परिवार को भी दिया जाता है, जिसने मृत्यु से ठीक पहले 12 महीनों के अंदर एक से अधिक प्रतिष्ठानों में नौकरी की हो। 

कौन कर सकता है क्लेम?
इस राशि का क्लेम नॉमिनी की ओर से पीएफ खाताधारक की मृत्यु होने पर किया जाता है। अगर किसी का कोई नॉमिनी नहीं है तो फिर कानूनी उत्तराधिकारी यह क्लेम दिया जाता है। यानी अगर स्कीम के तहत कोई नॉमिनेशन नहीं हुआ होता है, तो मृत कर्मचारी का जीवनसाथी, उसकी कुंवारी बच्चियां और नाबालिग बेटा इसके लाभार्थी होते हैं।

कितना करना होता है भुगतान?
योजना के तहत एकमुश्त भुगतान होता है। इसके लिए कर्मचारी को कोई भी रकम नहीं देनी पड़ती है। यानी यह इंश्योरेंस कवर सब्सक्राइबर को फ्री मिलता है। पीएफ खाते के साथ ही यह लिंक हो जाता है। कोविड-19 से होने वाली मृत्यु के मामले में भी इसे लिया जा सकता है।

कैसे करें क्लेम?
क्लेम के लिए आपको फॉर्म-5 IF जमा करना होगा, जिसे नियोक्ता सत्यापित करता है। इसके बाद ही आपको कवर का पैसा मिल सकता है। इंश्योरेंस कवर की धनराशि अधिकतम सात लाख रुपये है। 
विज्ञापन


फॉर्म फॉर्म-5 IF का लिंक नीचे दिया गया है।
https://www.epfindia.gov.in/site_docs/PDFs/Downloads_PDFs/Form5IF.pdf

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें