शेयर बाजार में आई अस्थिरता और सोने-चांदी की तेजी से बढ़ती कीमतों ने मेरठ के लोगों के निवेश तरीकों में बदलाव कर दिया है। शहर के लोग जोखिम उठाकर ज्यादा रिटर्न का दांव लगाने की जगह सुरक्षित निवेश को तरजीह दे रहे हैं। इसकी वजह से निवेशक एक बार फिर बैंक की जमा योजनाओं को प्रमुखता दे रहे हैं। साथ ही सोने-चांदी में निवेश बढ़ा रहे हैं।
दिल्ली रोड स्थित कैपिटल इनवेस्टर के मालिक अरुण गुप्ता कहते हैं कि बीते एक साल में निवेशकों को सोने से 25 से 30 प्रतिशत का मुनाफा हुआ है। जिसकी वजह से सोने-चांदी में निवेश करने वालों की संख्या में 20 से 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। गुप्ता के अनुसार म्यूचुअल फंड में एजेंट कमीशन खत्म होने के कारण दो साल में निवेश 30 फीसदी कम हुआ है।
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री सर्वेश कुमार सर्राफ ने बताया कि सोने के निवेश में एक साल में 15 से ज्यादा नए निवेशक आए हैं, जो पहले शेयर में निवेश करते थे। यूनिकॉन ब्रांच मैनेजर राजीव माहेश्वरी के अनुसार शेयर और म्यूचुअल फंड की अस्थिरता के चलते निवेशक का विश्वास फिलहाल करेंसी और डायरेक्ट ट्रेडिंग में है। डायरेक्ट ट्रेडिंग में पहली पसंद सोना और चांदी ही है, जो साल में सर्वाधिक रिटर्न दे रहा है।
ई-गोल्ड आने से सोने के निवेश में और बढ़ोतरी हुई है। फाइनेंशियल एडवाइजर पराग रस्तोगी ने बताया कि शेयर बाजार की अस्थिरता के चलते निवेशक एफडी में निवेश कर रहे हैं। बीते कुछ समय में एफडी में निवेशकों की संख्या में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बच्चा पार्क स्थित पार्थ एसोसिएटस के प्रियांशु जैन कहते हैं कि वर्ष 2008 में शेयर बाजार ऊंचाई पर था, अब बाजार में पुराने निवेशक तो हैं, लेकिन नए निवेशक नहीं आ रहे हैं।
पीएचडी चैंबर रिटेल इनवेस्टर सर्वे
- ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा निवेश रीयल एस्टेट में 26.75 फीसदी, सोना-चांदी में 24.5 फीसदी और फिक्स्ड डिपॉजिट में 22.5 फीसदी किया जा रहा है।
-शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा निवेश रीयल एस्टेट में 32.5 फीसदी ,सोना-चांदी में 26.5 फीसदी और फिक्स्ड डिपॉजिट में 18 फीसदी किया जा रहा है।
-मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा निवेश रीयल एस्टेट में 31.5 फीसदी ,सोना-चांदी में 23.5 फीसदी और फिक्सड डिपॉजिट में 23.5 फीसदी किया जा रहा है।
मेरठ में क्षेत्रों के आधार पर निवेश में बढ़ोतरी
सोना- 20 प्रतिशत
चांदी- 20 प्रतिशत
फिक्स्ड डिपॉजिट- 15 प्रतिशत
इंश्योरेंस- 15 प्रतिशत
शेयर- 10 से 13 प्रतिशत
म्युचुअल फंड- 25-30 प्रतिशत की गिरावट
(इनपुट: दिल्ली टीम के साथ मेरठ से विनीत त्रिपाठी)