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निवेश के मंत्र 20: क्रेडिट रिस्क फंड में निवेश पर कितना जोखिम, कहां करें निवेश?

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Tue, 12 May 2020 03:53 PM IST
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mutual fund - फोटो : PTI

निवेश दो तरीके से हो सकता है एक छोटी अवधि के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए और दूसरा लंबी अवधि के लक्ष्यों को। लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए निवेशकों को इक्विटी में निवेश की सलाह दी जाती है लेकिन अगर आपके लक्ष्य छोटी अवधि के हैं तो डेट फंड में निवेश करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।



हालांकि डेट फंड में निवेश करने पर जोखिम ज्यादा रहता है लेकिन इक्विटी में लंबी अवधि के निवेश की सलाह होती है तो जोखिम की क्षमता कम हो जाती है। डेट फंड में टैक्स स्ट्रक्चर उन्हीं निवेशकों को आकर्षित करता है जो छोटी अवधि के निवेश का नजरिया रखते हैं। 


डेट फंड में निवेश करना आसान नहीं है, बाजार में 16 तरह की डेट फंड श्रेणी हैं इसलिए निवेशक को फंड में राशि लगाने में उलझन हो सकती है। इन 16 श्रेणियों में एक क्रेडिट रिस्क फंड भी है जो अपनी एसेट का 65 फीसद भाग कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करता है।


भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने क्रेडिट रिस्क फंड का कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करना जरूरी बताया है, ये कॉर्पोरेट बॉन्ड एए से कम रेटिंग वाले बॉन्ड में निवेश करते हैं। क्रेडिट रिस्क फंड में कोई निवेशक निवेश क्यों करें और इन फंड में कितना जोखिम हो सकता है, आइए समझते हैं...


क्रेडिट रिस्क फंड में लिक्विडिटी का आकलन कैसे?

निवेशकों को उन डेट फंड में निवेश करना चाहिए जिनके पास बढ़िया गुणवत्ता वाले डेट इंस्ट्रुमेंट हो या फिर जिन्होंने अच्छे डेट इंस्ट्रुमेंट में निवेश किया हो। इंडस्ट्री की पॉलिसी, बिजनेस मॉडल और उसकी वित्तीय स्थिति को देखकर निवेश करना चाहिए। हाल में ब्लु-चिप बॉन्ड्स और गवर्मेंट सिक्योरिटीज में निवेश करना अच्छा रहेगा, इनमें लिक्विडिटी ज्यादा रहती है।


क्या निवेश के लिए ये सही समय है या इंतजार करें?

डेट फंड में साल के बीच में निवेश करने की सलाह नहीं देना चाहिए। अगर लॉकडाउन बढ़ता है तो उद्योगों को उनके कर्ज को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। इस समय निवेशक क्रेडिट रिस्क फंड में निवेश करने के लिए थोड़ा इंतजार कर सकते हैं। एक बार जब लॉकडाउन खुल जाता है तो शायद कई कॉर्पोरेट से निवेशक पैसे की निकासी कर सकते हैं।


ऐसा करने से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर प्रेशर पड़ सकता है। अगर निवेशकों को लिक्विडिटी यानि पैसों की जरुरत है और सुरक्षित रिटर्न भी चाहिए तो वह अपना पैसा आर्बिट्राज फंड में लगा सकता है।
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डेट फंड में रिटर्न का जोखिम कितना रहता है?

किसी डेट म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले निवेशक को इन बातों पर ध्यान चाहिए कि अर्थव्यवस्था के ब्याज दर का चक्र क्या है और जिस म्यूचुअल फंड में निवेश किया जा रहा है उसका इंडस्ट्री जीवन चक्र और बिजनेस मॉडल को पढ़ लेना चाहिए।


जब ब्याज दर चक्र चरम पर हो तब निवेशकों को गवर्मेंट सिक्योरिटीज में निवेश कर देना चाहिए और अगर ब्याज दर चक्र नीचे आ जाए तो निवेशक के लिए जरूरी है कि वह कॉर्पोरेट म्यूचुअल फंड में निवेश करे।

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