अगर आरबीआई अपने निर्णय पर अड़ा रहता है तो फिर आगामी फेस्टिव सीजन के फीका रहने की आशंका है। नोटबंदी के बाद से देश में डेबिट व क्रेडिट कार्ड का चलन काफी बढ़ा है। ज्यादातर लोग अब कार्ड के जरिए ही खरीदारी करते हैं। भारत ने भी अपना रूपे डेबिट क्रेडिट कार्ड जारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन ऐसे लोगों की संख्या काफी कम है, जिनके पास रूपे कार्ड है।
कार्ड बंद होने पर इनका बढ़ेगा उपयोग
अगर मास्टरकार्ड या फिर वीजा के डेबिट व क्रेडिट कार्ड बंद होते हैं तो फिर लोगों के पास कैश के अलावा यूपीआई, नेटबैंकिंग और मोबाइल वॉलेट जैसे भुगतान करने के विकल्प ही बचेंगे। लेकिन इनसे भी वो ही लोग भुगतान कर सकेंगे, जिनके पास इंटरनेट कनेक्शन हो और वो ऐसे ऐप का प्रयोग करना अच्छे से जानते हो।
बढ़ जाएगी कैश की किल्लत
कार्ड के बंद होने से लोगों के पास कैश की किल्लत भी हो जाएगी। ज्यादातर लोग अभी भी अपने डेबिट कार्ड का इस्तेमाल एटीएम से पैसा निकालने के लिए करते हैं। अगर लोग एटीएम से पैसा नहीं निकाल पाएंगे, तो फिर वो फेस्टिव सीजन में शॉपिंग कैसे करेंगे। आरबीआई का यह फैसला करोड़ों लोगों पर भारी पड़ सकता है।