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BoB-विजया-देना बैंक के विलय से निवेशक-खाताधारक के लिए होंगे कई बदलाव

Thu, 03 Jan 2019 07:04 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • 19.77 फीसदी की गिरावट आई बृहस्पतिवार को देना बैंक के शेयरों में 
  • 7.44 फीसदी नीचे आया विजया बैंक का शेयर इस दौरान बीएसई पर
  • 3.30 फीसदी का उछाल दिखा बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 
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विस्तार
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कैबिनेट की मंजूरी के बाद देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय का रास्ता साफ हो चुका है। विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली नई इकाई का नाम तो नहीं बदलेगा लेकिन इन बैंकों के खाताधारक, निवेशक और कर्जदारों के लिए कुछ बदलाव संभव हैं।
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विलय के बाद बैंक शाखाओं और एटीएम की संख्या में इजाफा होने से अधिकतर ग्राहकों को सहूलियत होगी। नया बैंक कुल संपत्ति के लिहाज से बेहद मजबूत स्थिति में आ जाएगा जिससे इन बैंकों में जमा आपकी राशि और सुरक्षित हो सकती है। साथ ही शेयर बाजार में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और विलय के बाद उन्हें बैंक के स्थायित्व का लाभ मिल सकता है।

बदल सकती है कस्टमर आईडी

सबसे ज्यादा बदलावों का सामना इन तीनों बैंकों के खाताधारकों को करना पड़ सकता है। बचत खाते की ब्याज दर भी बदल सकती है। नई इकाई में खाता रखने वाले ग्राहकों को बैंक की ओर से नया चेक बुक और डेबिट या क्रेडिट जारी किया जाएगा।

इसके अलावा खाता संख्या और कस्टमर आईडी में भी बदलाव हो सकता है। विलय के साथ ही इन बैंकों की शाखाओं का भी विलय हो जाएगा जिससे संभव है कि आपकी शाखा भी बदल जाएगा। बैंक शाखा में बदलाव के कारण आपके खाते का आईएफएससी कोड भी बदलेगा।
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ऐसे में आपको आयकर विभाग, बीमा कंपनी और म्यूचुअल फंड आदि जगहों पर इसे अपडेट कराना होगा। हो सकता है कि आपके बिल भुगतान के दिशा-निर्देशों में भी कुछ बदलाव किया जाए।
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एफडी के ब्याज पर असर नहीं

BOB
अगर आपने इन बैंकों में से किसी में एफडी खुलवा रखी है तो संभव है कि विलय के बाद आपके बैंक का नाम बदल जाए, लेकिन इस पर मिलने वाली ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि फिक्स डिपॉजिट या एफडी पर ब्याज का निर्धारण एक निश्चित अवधि के लिए होता है और बीच में इसमें बदलाव करना बैंकों के लिए संभव नहीं है। लिहाजा अगर विलय के बाद नई इकाई के जमा ब्याज दर में बदलाव भी होता है तो भी मेच्योरिटी तक आपकी एफडी पर पूर्व निर्धारित ब्याज ही मिलता रहेगा।

नहीं बढ़ेगा ईएमआई का बोझ

तीनों बैंकों में किसी से भी कर्ज लेने वाले धारकों को विलय से चिंतित होने की जरूरत नहीं है। विलय के बाद आपके कर्ज की राशि नई इकाई में स्थानांतरित हो जाएगी और ईएमआई पहले की तरह ही चुकाते रहेंगे।

अगर आपका कर्ज एमसीएलआर की दर पर आधारित है तो अवधि की समाप्ति पर नई दर के हिसाब से ईएमआई बनेगी। वहीं, ऐसे ग्राहक जिनका कर्ज आधार दर पर तय है, वे विलय के बाद आसानी से इसे एमसीएलआर में शिफ्ट करा सकते हैं। हालांकि इसके लिए बैंक वैल्यूएशन और प्रोसेसिंग फीस ले सकते हैं।

शेयरों की हो जाएगी अदला-बदली

भारतीय शेयर बाजार का प्रारूप ऐसा है कि यहां छोटे निवेशकों को बचाने के लिए कई रास्ते बनाए गए हैं। निवेशकों के शेयरों की अदला-बदली तय प्रारूप के हिसाब से स्वत: हो जाएगी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तय समय पर निवेशकों के डीमैट खाते से पहले जमा शेयर बाहर हो जाएंगे और उनकी जगह नए शेयर खाते में आ जाएंगे।

शेयरधारकों के लिए तय अनुपात के मुताबिक, विजया बैंक के शेयरधारक को प्रति 1000 शेयर पर बीओबी के 402 शेयर मिलेंगे जबकि देना बैंक के शेयरधारक को प्रति 1000 शेयर पर बीओबी के 110 शेयर मिलेंगे। यह अंतर शेयरों के वैल्यूएशन की वजह से आया है।
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