आरबीआई ओम्बुड्समैन रिपोर्ट यह दर्शाती है कि गत 10 सालों में कुल 24 फीसदी शिकायतें एटीएम से जुड़ी हुई हैं। हाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों द्वारा पैसा निकालने की सीमा को 40,000 रुपये से घटाकर 20,000 रुपये कर दिया है, ताकि कार्ड से जुड़े धोखाधड़ी मामलों में कमी लाई जा सके।
बैंक की पैसा निकालने से जुड़ी नई नीति 31 अक्तूबर से लागू होगी। उल्लेखनीय है कि ग्राहकों द्वारा ओम्बुड्समैन के समक्ष शिकायत दर्ज करने के पश्चात सबसे पहले यह तय किया जाता है कि वह सही है या नहीं। अगर शिकायत को सही पाया जाता है, तो ग्राहकों को ओम्बुड्समैन हर्जाना मुहैया कराता है, जिसकी दर बहुत ही कम है।
सख्त हुए ओम्बुड्समैन योजना के नियम
2016-17 में ओम्बुड्समैन योजना के तहत, महज 31 मामलों को योग्य ठहराया गया, जबकि कुल शिकायतों की संख्या 1,30,987 थीं। केंद्रीय बैंक ने 14 जून, 1995 को ओम्बुड्समैन योजना की अधिसूचना जारी की थी। इस योजना का प्रशासन और खर्च केंद्र बैंक द्वारा वहन किया जाता है।
इसके तहत व्यावसायिक, को-ऑपरेटिव और क्षेत्रीय बैंकों की खामियों के खिलाफ शिकायतें की जाती हैं। हाल में आरबीआई ने ओम्बुड्समैन योजना के नियमों को सख्त किया है। इसके लिए बैंकों ने ग्राहक शिकायतों की समीक्षा के लिए स्वतंत्र आंतरिक ओम्बुड्समैन नियुक्त किए हैं।