संक्रमण की दूसरी लहर में आर्थिक गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ने से बेरोजगारी दर बढ़कर एक साल के शीर्ष पर पहुंच गई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईआई) ने दावा किया है कि अप्रैल से अब तक लाखों नौकरियां और रोजगार खत्म हो गए।
सीएमआईआई के मुताबिक, 16 मई को समाप्त सप्ताह में बेरोजगारी दर बढ़कर 14.5 फीसदी पहुंच गई, जो अप्रैल में 8 फीसदी थी। पिछले साल तीन लंबे लॉकडाउन की वजह से बेरोजगारी दर रिकॉर्ड ऊंचाई पर थी।
अप्रैल-मई, 2021 में यह 23 फीसदी से ज्यादा रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमण दोबारा बढ़ने से कई राज्यों में लॉकडाउन चल रहा है, जिससे उपभोक्ता वस्तुओं की खरीदारी घटी है। अनुमान है कि मई में पूरे महीने बेरोजगारी दर 10 फीसदी से ऊपर बनी रहेगी। महामारी आने के बाद से 2020-21 के पूरे वित्तवर्ष में बेरोजगारी दर औसतन 8.8 फीसदी रही।
अप्रैल से अब तक लाखों नौकरियां खत्म, 55 फीसदी परिवारों की आय घटी
कोरोना संकट में परिवारों की आय पर भी असर पड़ा। बीते वित्तवर्ष में करीब 55.5 फीसदी परिवारों ने आमदनी घटने की बात कही है। 41.5 फीसदी का कहना है कि एक साल के मुकाबले उनकी आय में कोई बदलाव नहीं हुआ। महज 3.1 फीसदी परिवारों ने ही अपनी आमदनी बढ़ने की बात कही।