अगर आपने पिछले साल 8 नवंबर से पहले कैश जमा किया है तो भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पूछताछ कर सकता है। काले धन पर इनकम टैक्स विभाग ने शिकंजा कसते हुए अब टैक्सपेयर से 2011 से लेकर के अक्टूबर 2016 तक का हिसाब मांगा जा रहा है।
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होम बॉयर्स पर भी कसा शिकंजा
डिपार्टमेंट ने होम बॉयर्स पर भी शिकंजा कस दिया है। ऐसे लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, जिन्होंने अपने मकान की वैल्यू को काफी कम बता रखा है। टैक्स डिपार्टमेंट ने इसके लिए केसों को दो कैटेगिरी में डाला है।
हाई रिस्क और लो रिस्क की कैटेगिरी
डिपार्टमेंट ने दो कैटेगिरी बनाई हैं, जिनमें हाई रिस्क वालों से पहले नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है। अगर अधिकारी जवाब से संतुष्ट नहीं होगा तो वो आपसे आगे की पूछताछ करेगा।
इसके लिए लोगों से पैन कार्ड नंबर और फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न की डिटेल्स मांगी जा रही है।