आयकर विभाग से मिला इनकम टैक्स रिफंड का चेक करदाताओं को एक अजब सुकून और खुशी दे जाता है। रिफंड की रकम छोटी हो या बड़ी, रकम आने पर बड़ा इत्मिनान महसूस होता है।
हालांकि कई बार इससे ठीक उल्टा भी होता है। टीडीएस कटौती या एडवांस टैक्स चुकाने के बाद रिटर्न भरने पर भी रिफंड का चेक नहीं आता।
कई बार विभाग की ओर से सूचना आती है कि आपके रिफंड की राशि आपके पुराने बकाया कर के एवज में समायोजित (एडजस्ट) कर ली गई है। इसके अलावा कभी-कभी तो रिफंड मिलने के बजाय आयकर विभाग की ओर से और कर चुकाने की टैक्स डिमांड आ जाती है।
समस्या तब और गहरा जाती है जब इस टैक्स डिमांड के बारे में पूछताछ करने पर खुद स्थानीय आयकर अधिकारी भी यह नहीं बता पाते कि करदाता पर किस तरह से कर बकाया है और पुराने वर्षों की टैक्स डिमांड इस वर्ष क्यों भेजी गई है?
ऐसी समस्याओं के बावजूद यह बात भी महत्वपूर्ण है कि अगर आयकर रिटर्न भरते वक्त कुछ सावधानियां बरती जाएं, तो रिफंड संबंधी 80 फीसदी समस्याओं का समाधान खुद ब खुद हो जाएगा।
पेन नंबर भरने में बरतें सावधानी
आयकर रिटर्न में सबसे ज्यादा सावधानी अपना पैन नंबर भरने में बरतनी चाहिए, क्योंकि रिटर्न व रिफंड की सारी प्रक्रिया इसी पर टिकी होती है।
बेहतर होगा अगर पैन नंबर भरने से पहले आप एक बार आयकर विभाग की वेबसाइट से इसकी पुष्टि कर लें, भले ही आपके पास काफी समय से पैन कार्ड मौजूद हो और आप पिछले कई साल से रिटर्न भर रहे हों।
पिता का नाम हो सही
पैन कार्ड और आयकर विभाग की साइट पर मिलान करके देख लें कि दोनों जगह आपके पिता का नाम सही दर्ज हो।
पते की कर लें जांच
पता भरने में भी सावधानी रखें। यदि आपका मौजूदा पता पैन कार्ड में दर्ज पते से अलग है, तो आपको रिटर्न दाखिल करने से पहले ही आवेदन करके पैन कार्ड में पता बदलवा लेना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर मामलों में रिफंड पैन कार्ड में दर्ज पते पर ही भेज दिया जाता है, रिटर्न फॉर्म में भले ही दूसरा पता लिखा हो।
26 एएस प्रपत्र को जरूर देखें
रिटर्न भरने से पहले विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध अपने 26 एएस प्रपत्र को जरूर देख लें कि इसमें दर्ज की गई ग्रॉस इनकम और टीडीएस कटौती की रकम सही है या नहीं।
गड़बड़ी नजर आए, तो विभाग से संपर्क कर इसे सुधरवा लें, क्योंकि रिटर्न की प्रोसेसिंग में अकसर 26 एएस से ही विवरणों का मिलान करके रिफंड भेजा जाता है।
खाता संख्या पर सावधानी
रिटर्न में अपनी खाता संख्या सावधानी पूर्वक सही-सही भरें और अकाउंट नंबर के साथ ही आईएफएससी व एमआईसीआर कोड भरना भी न भूलें।
ई-रिटर्न ऑनलाइन भरें
ई-रिटर्न भरना हालांकि सभी के लिए अनिवार्य नहीं है, पर यदि संभव हो तो रिटर्न ऑनलाइन ही दाखिल करें, क्योंकि इसकी प्रोसेसिंग तेजी से होती है। इसके अलावा ई-रिटर्न का स्टेटस भी आसानी से जाना जा सकता है।