सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया ने विभिन्न अवधि के कर्ज के लिए एमसीएलआर (कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर) आधारित कर्ज दरों में 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है। बैंक ने बयान में बताया कि उसने विभिन्न अवधि के कर्ज के लिए एमसीएलआर में 10 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है।
बयान के मुताबिक, बैंक ऑफ इंडिया ने एक साल के कर्ज के लिए एमसीएलआर को संशोधित कर 8.50 फीसदी कर दिया, जबकि ओवरनाइट रेट को 10 आधार अंक बढ़ाकर 7.90 फीसदी कर दिया।
इतना बढ़ा दी ब्याज दर
इसके अलावा, एक महीने तथा तीन महीने के कर्ज के लिए एमसीएलआर को 10 आधार अंक बढ़ाकर क्रमश: 8.20 फीसदी तथा 8.30 फीसदी कर दिया। छह महीने के कर्ज के लिए एमसीएलआर को 0.10 फीसदी बढ़ाकर 8.45 फीसदी कर दिया, जो पहले 8.35 फीसदी पर था। बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि बढ़ी हुई दरें आगामी 10 जून से लागू होंगी।
इन बैंकों ने पहले ही बढ़ा दिया था कर्ज
बड़े बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आईसीआईसीआई बैंक तथा एचडीएफसी बैंक अपने एमसीएलआर में पहले ही बढ़ोतरी कर चुका है, जिससे ऑटोमोबाइल लोन, होम लोन तथा व्यापार कर्ज महंगा हो गया है। बैंक हर महीने एमसीएलआर की समीक्षा करते हैं, जो एक समान कार्यप्रणाली है, जिसे अप्रैल 2016 को शुरू किया गया था, ताकि कर्जदारों के साथ ही बैंकों के लिए उचित ब्याज दर सुनिश्चित हो।