लापरवाही के एक अनूठे मामले में उपभोक्ता फोरम ने कार डीलर पर दस हजार रुपए का जुर्माना ठोका है। नई दिल्ली जिला उपभोक्ता फोरम ने शेख सराय निवासी भगवती प्रसाद द्विवेदी की शिकायत का निबटारा करते हुए कनाट प्लेस स्थित कार डीलर पर दस हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। द्विवेदी ने कार डीलर, सार्वजनिक बैंक व क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।
अपनी शिकायत में द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने पांच हजार रुपये देकर 16 फरवरी 2009 को कार बुक करवाई थी। इसके बाद से 04 मार्च 2009 को डीडी के माध्यम दो लाख 76 हजार रुपए का भुगतान कर कार ली थी। कार खरीदने के कुछ दिनों बाद जब कार की आरसी बनकर आई तो उसमें कार को सार्वजनिक बैंक के पास बंधक दिखाया गया था। यानि कार बैंक से ऋण लेकर खरीदी गई थी।
इसकी शिकायत पीड़ित ने फौरन कार डीलर से की। डीलर ने इसे हल्के अंदाज में लेते हुए सुधरवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन कई महीनों तक चक्कर काटने के बाद कार डीलर ने आरसी की गड़बड़ी को ठीक नहीं करवाया। इसके बाद पीड़िता ने उपभोक्ता फोरम में अपनी शिकायत दर्ज कर दो लाख रुपए मुआवजे की मांग की थी। उपभोक्ता फोरम ने पेश तथ्यों के आधार पर इसे सेवा में कोताही का मामला माना। उपभोक्ता फोरम ने कार डीलर व क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण को नई आरसी जारी करने का आदेश दिया है। फोरम ने साथ ही कार डीलर पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।