आधार कार्ड के जरिए आपके कई जरूरी काम निपटते हैं। आधार आपकी बतौर नागरिक इस देश में पहचान है। आधार से आपके दस्तावेज, सरकारी कार्य सहित अन्य गतिविधियां प्रमाणित होती है। हालांकि अब अपनी प्रमाणिकता के लिए लोग आधार कार्ड का इस्तेमाल कम करने लगे हैं। आंकड़ों को देखा जाए तो आधार का इस्तेमाल जून में साल भर में सबसे निचले स्तर पर आ गया है। पिछले साल आधार कार्ड के जरिए देशभर में 1.48 अरब प्रमाण पेश किए गए। यह एक रिकॉर्ड था। लेकिन पिछले माह जून में इसमें 40 फीसदी की गिरावट देखी गई।
जून में 85.9 करोड़ बार प्रमाण के लिए आधार का इस्तेमाल किया गया
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यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के मुताबिक, जून में 85.9 करोड़ बार प्रमाण के लिए आधार का इस्तेमाल किया गया। बैंक और मोबाइल फोन कस्टमर्स के अलावा अन्य सुविधाओं को आधार से लिंक करने की अंतिम समय सीमा बढ़ाने के 3 माह के अंदर इस तरह की कमी दर्ज की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण में 10 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था
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उल्लेखनीय है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट में सामान्य कामकाज सोमवार से शुरू हो रहा है। आधार और उससे संबंधित पंजीयन तथा प्रमाणन के मामले पर शीर्ष अदालत का फैसला जल्द आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण में 10 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसके बाद सरकार ने परमानेंट एकाउंट नंबर (पैन) को आधार के साथ लिंक करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर अगले साल 31 मार्च कर दी है। इधर आधार कार्ड को रियायती दरों पर सरकारी राशन दुकानों से अनाज के लिए लिंक करने की समयसीमा को भी तीन महीने बढ़ाकर 30 सितंबर कर गिया गया है।
फरवरी 2018 में प्रमाणन की संख्या 99.6 करोड़ थी
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पिछले साल सितंबर माह के बाद से मार्च के अलावा आधार आधारित प्रमाणन प्रक्रिया में हर माह गिरावट देखी गई है। यूआईडीएआई की वेबसाइट के अनुसार फरवरी 2018 में प्रमाणन की संख्या 99.6 करोड़ थी, जो मार्च में बढ़कर 1.1 अरब हो गई थी। वहीं, सितंबर में 1.48 अरब के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद आधार आधारित प्रमाणन अक्टूबर में घटकर 1.46 अरब रह गया था। पिछले साल जुलाई में 96.6 करोड़ आधार आधारित प्रमाणन किए गए थे। अगस्त में यह आंकड़ा 1 अरब था।
अब तक 1.2 अरब आधार नंबर जारी किए जा चुके हैं
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गौरतलब है कि जब कोई व्यक्ति सर्विस लेने के लिए या मौजूदा सेवा के तहत अपना यूनीक नंबर देता है आधार आधारित प्रमाणन मिल जाता है। देशभर में अब तक 1.2 अरब आधार नंबर जारी किए जा चुके हैं।