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Budget 2018: रेलवे से लोगों को हैं ये आशाएं- मिले सुरक्षा, खत्म हो डायनेमिक फेयर का सिस्टम

Sun, 28 Jan 2018 03:39 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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2017 से पहले रेलवे बजट संसद में अलग से पेश किया जाता था। हालांकि पिछले साल से अब यह आम बजट का हिस्सा है। आम बजट की तरह लोगों में रेल बजट को लेकर के भी कई तरह की आशाएं होती हैं, क्योंकि लाखों की संख्या में लोग रोजाना रेल से यात्रा करते हैं।

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रेलवे कई लोगों के जीवन का अहम हिस्सा है। इस बार के रेलवे बजट के लिए भी आम आदमी के मन में आशाएं हैं, जिनमें रेल सफर के दौरान सुरक्षा और डायनेमिक फेयर सिस्टम को खत्म करना एक प्रमुख मुद्दा है। 

सुरक्षित सफर कराने पर हो फोकस
रेल यात्रियों का कहना कि रेलवे इस बार नई ट्रेनों की घोषणा करने के बजाए अपना ज्यादा से ज्यादा फोकस सुरक्षा पर करें। एक वेबसाइट द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, 44 फीसदी लोग सुरक्षित सफर कराने के पक्ष में हैं।
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वहीं 29 फीसदी लोग चाहते हैं कि रेलवे डायनेमिक फेयर की स्कीम को बंद कर दें। 26 फीसदी लोग चाहते हैं कि रेलवे सुविधाओं को बढ़ाएं। वहीं 15 फीसदी लोगों ने सफाई और ट्रेनों की देरी पर रोक लगाने की मांग की है। 

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तीन साल में सुरक्षा पर नहीं हुआ कोई खास काम

railway
रेल यात्रियों की माने तो पिछले तीन साल में रेल मंत्रालय ने सुरक्षित सफर के लिए किसी तरह का कोई ध्यान नहीं दिया है। पटरियों के टूटने और पुराने कोच के कारण पिछले साल कई दुर्घटनाएं भी हुई थीं।

यात्रियों ने कहा है कि प्रत्येक ट्रेन में एंटी कोलिजन डिवाइस लगाए जाएं और ट्रेक का परीक्षण करने वाले उपकरणों को खरीदा जाए। इसके साथ ही पुराने कोच की जगह एलएचबी कोच लगाए जाएं। 

तत्काल टिकट पर मिले रिफंड
रेल यात्रियों ने मंत्री पीयूष गोयल से मांग की है कि तत्काल टिकट को कैंसिल कराने पर किसी भी तरह का रिफंड नहीं मिलता है। वहीं इस टिकट का प्राइस भी बहुत ज्यादा होता है। इसके लिए रेलवे कम से कम 50 फीसदी पैसा रिफंड करे अगर यात्री ट्रेन के छूटने से 6 घंटे पहले इसको कैंसिल करें। 

खत्म हो वीवीआईपी कोटा
यात्रियों की मांग है कि रेलवे वीवीआईपी कोटा को कम करें। अभी रोजाना 60 हजार सीटें वीवीआईपी कैटेगिरी में आती है। इनमें से आधी सीटों को यात्रियों की सुविधा के लिए इमरजेंसी कोटे में आरक्षित रखा जाए ताकि ऐन वक्त पर लोग इनका इस्तेमाल कर सकें। केंद्र सरकार ने जैसे सड़क पर वीवीआईपी कल्चर को खत्म किया है वैसे ही काम रेलवे में भी होना चाहिए।  
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