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भारतीय अर्थव्यवस्था की उम्मीद से ज्यादा तेजी से उबरने की संभावना : रिपोर्ट

Sun, 15 Nov 2020 01:44 PM IST
Tanuja Yadav बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अर्थव्यवस्था
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भारतीय अर्थव्यवस्था संभवत: उम्मीद से ज्यादा तेजी से उबर रही है और भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों में नरमी के रुख को अब छोड़ सकता है। वैश्विक स्तर पर पूर्वानुमान लगाने वाली कंपनी ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति औसतन छह प्रतिशत से अधिक रहेगी और केंद्रीय बैंक दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों को यथावत रखेगा। रिपोर्ट कहती है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर में कोविड-19 से पूर्व के उच्चस्तर पर पहुंच गई है। ईंधन को छोड़कर अन्य श्रेणियों में दाम बढ़े हैं।

रिपोर्ट का कहना है कि चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति अपने अधिकतम स्तर पर होगी और 2021 में हमें इसपर अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। अंडों और सब्जियों के दाम चढ़ने से अक्तूबर में खुदरा मुद्रास्फीति करीब साढ़े छह साल के उच्चस्तर 7.61 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
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यह भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से कहीं ज्यादा है। बता दें कि सितंबर, 2020 में खुदरा मुद्रास्फीति 7.27 प्रतिशत पर थी।

मूडीज ने भी किया था सुधार 
वैश्विक निवेश फर्म मूडीज ने भी 2020 के लिए भारत के विकास दर अनुमान में सुधार किया था। मूडीज के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था लंबे और सख्त लॉकडाउन के बाद वापसी कर रही है, लेकिन सुधार में अभी समय लगेगा।

लिहाजा 2020 में विकास दर शून्य से 8.9 फीसदी नीचे रह सकती है। एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने भी अर्थव्यवस्था के महामारी के दबाव से निकलने का अनुमान जताया था और कहा था कि 2021 में यह एक बार फिर तेजी की राह पर होगी।  

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