व्हाट्सएप देश में अपनी यूपीआई आधारित पेमेंट सेवा को शुरू करना चाहता है। लेकिन कंपनी का फिलहाल कोई भी ऑफिस देश में नहीं है। फिलहाल विदेश में कंपनी के कई ऑफिस हैं। सरकार का तर्क है कि कोई भी कंपनी विदेश में बैठकर रिमोट कंट्रोल के जरिए इस तरह की सेवा को शुरू नहीं कर सकती है।
संचार मंत्रालय, आरबीआई ने दिया तर्क
संचार मंत्रालय और आरबीआई ने व्हाट्सएप के वरिष्ठ अधिकारियों को कहा है कि 22 करोड़ लोगों के लिए काफी संवेदनशील मामला है, जिसके लिए यहां पर भी लोग होने चाहिए। अगर किसी तरह का कोई विवाद होता है तो फिर उसके लिए कोई तो जिम्मेदार व्यक्ति होना चाहिए। साथ ही कंपनी अपने डाटा को फेसबुक के साथ भी शेयर करेगी, जिससे लोगों के खातों की जानकारी में सेंधमारी होने का खतरा बरकरार है।