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सिम लेने के लिए नए तरीके का होगा इस्तेमाल, 15 सितंबर से UIDAI शुरू करेगा यह सेवा

Sun, 19 Aug 2018 06:42 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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मोबाइल सिम लेने वाले ग्राहकों के लिए अब 15 सितंबर से एक नए तरीके का इस्तेमाल करना पड़ेगा। मोबाइल ग्राहक अगर आधार के जरिए नई सिम लेते हैं तो फिर उन्हें अपने चेहरे का मिलान भी करवाना होगा। 
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने व्यक्ति की पहचान के सत्यापन की एक अतिरिक्त विधि के अंतर्गत फोटो का चेहरे से मिलान करने सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की घोषणा की है। यह सुविधा दूरसंचार कंपनियों के साथ 15 सितंबर को शुरू की जा रही है। 

प्राधिकरण ने इससे पहले चेहरा पहचानने का फीचर एक जुलाई से लागू करने की योजना बनाई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर एक अगस्त कर दिया गया था। इसके तहत मोबाइल सिम कार्ड के लिए आवेदन के साथ लगाए गए फोटो को संबंधित व्यक्ति के आमने-सामने लिए गए फोटो से की जाएगी। 
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कंपनियों पर लगेगा जुर्माना

यूआईडीएआई अगले महीने के मध्य से इस तय लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाली दूरसंचार कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव किया है। यूआईडीएआई ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों के अलावा अन्य सत्यापन एजेंसियां के लिए चेहरा पहचानने की सुविधा के क्रियान्वयन के बारे में निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे। हालांकि, प्राधिकरण ने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं दी है। 

केवल आधार से सिम लेने पर होगा मिलान

खास बात यह है कि यूआईडीएआई ने कहा है कि ‘लाइव फेस फोटो’ और ईकेवाईसी के दौरान निकाली गई तस्वीर का मिलान उन मामलों में जरूरी होगा, जिनमें मोबाइल सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। 
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रुकेगी फिंगरप्रिंट से होने वाली गड़बड़ी

यूआईडीएआई ने कहा कि यह कदम फिंगरप्रिंट में गड़बड़ी की संभावना रोकने या उसकी क्लोनिंग रोकने के लिए उठाया गया है। इससे मोबाइल सिम जारी करने और उसे एक्टिव करने की ऑडिट प्रक्रिया और सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।

यूआईडीएआई के एक परिपत्र के अनुसार 15 सितंबर से दूरसंचार सेवा कंपनियों को महीने में कम से कम 10 प्रतिशत सत्यापन चेहरे का लाइव(सीधे) फोटो से मिलान करना अनिवार्य होगा।  इस प्रकार का सत्यापन इससे कम अनुपात में हुआ तथा प्रति सत्यापन 20 पैसे का जुर्माना लगाया जाएगा।

इसलिए उठाया कदम

यहां उल्लेखनीय है कि इस साल जून में हैदराबाद के एक मोबाइल सिम कार्ड वितरक ने आधार ब्योरे में गड़बड़ी कर हजारों की संख्या में सिम एक्विटवेट किए थे। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘लाइव फेस फोटो को ईकेवाईसी फोटो से मिलाने का निर्देश सिर्फ उन्हीं मामलों जरूरी होगा जिनमें सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग के निर्देशानुसार यदि सिम आधार के अलावा किसी अन्य तरीके से जारी किया जाता है, तो ये निर्देश लागू नहीं होंगे।’’ 
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