दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने अपने मंच से जुड़े लघु एवं मध्यम (एसएमबी) स्तर के लॉजिस्टिक कारोबारियों की मदद के लिए बुधवार को विशेष कोष पेश किया। यह एसएमबी लगभग पूरी तरह अमेजन से होने वाली बिक्री पर ही निर्भर करते हैं।
सहायकों की मदद करेगा कोष
इस संदर्भ में कंपनी ने एक बयान में कहा कि लॉकडाउन की वजह से एसएमबी वित्तीय तौर पर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। यह कोष छोटे स्तर पर डिलिवरी और लॉजिस्टिक सेवाएं देने वाले उसके सहायकों और चुनिंदा मालवहन सहायकों की मदद करेगा।
कर्मचारियों को मिलेगी वित्तीय सहायता
यह कोष उन्हें लॉकडाउन की वजह से उभरी 'नई वास्तविकताओं' के अनुरूप अपने कारोबारी मॉडल को ढालने में मदद करेगा। यह कोष उनके साथ काम करने वाले करीब 40,000 कर्मचारियों को अप्रैल 2020 महीने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
साथ ही एक बार में उपलब्ध कराई जाने वाली यह राशि उन्हें कई और तरह से राहत पहुंचाएगी। कंपनी ने कहा कि इसके अलावा यह राशि उनकी बुनियादी ढांचे की लागत और नकदी की जरूरतों को भी पूरा करेगी ताकि बंद के बाद वह अपने पूर्ववत स्तर पर दोबारा काम शुरू कर सकें।
अमेजन ने लॉन्च किया नया प्रोग्राम
मालूम हो कि हाल ही में अमेजन ने ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक खास प्रोग्राम की शुरुआत की थी। लॉकडाउन के दौरान ग्रॉसरी समेत अन्य जरूरी उत्पादों की मांग बढ़ी हैं। ऐसे में अमेजन नजदीकी किराना स्टोर और खुदरा विक्रेताओं पर दांव लगा रही है।
सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं और ऑनलाइन ऑर्डर पर ध्यान दे रहे हैं। इसके मद्देनजर अमेजन ने लोकल शॉप्स ऑन अमेजन प्रोग्राम लॉन्च कर दिया है। इसके तहत 5,000 से ज्यादा नजदीकी किराना स्टोर्स को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा और छोटे स्टोर को डिजिटल कारोबार करने का मौका मिलेगा।
कंपनी करेगी 10 करोड़ रुपये का निवेश
इस संदर्भ में अमेजन ने कहा था कि कंपनी 10 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। अमेजन इंडिया के सेलर सर्विस के वीपी, गोपाल पिल्लई ने कहा कि, 'इस पहल पर हम पिछले छह महीने से पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे हैं। 100 दुकानें शामिल हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत किराने के सामान, होम अप्लायंसेज, फर्नीचर, कपड़े और मोटर वाहन जैसी विभिन्न कैटेगरी के विक्रेता शामिल हैं।