आईआरसीटीसी ने अपने इस पेमेंट गेटवे को आईपे का नाम दिया है। एक अधिकारी के मुताबिक कंपनी 4 से 8 हफ्तों के बीच इसे अपनी वेबसाइट और ऐप पर शुरू कर देगी। पहले इसका पायलेट टेस्ट होगा। टेस्टिंग के बाद चरणबद्ध तरीके से इसको पूरी तरह से शुरू कर दिया जाएगा। टेस्टिंग के दौरान अन्य थर्ड पार्टी पेमेंट गेटवे भी मौजूद रहेंगे।
टिकट कराना होगा सस्ता
आईआरसीटीसी के इस कदम से रेल यात्रियों के लिए टिकट बुक कराना सस्ता हो जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक और मोबाइल वॉलेट कंपनियां जो ट्रांजेक्शन फीस वसूलते हैं, वो लगना बंद हो जाएगी। इससे टिकट खरीदते वक्त अतिरिक्त पैसा नहीं देना पड़ेगा।
इस स्टार्टअप के साथ किया करार
कंपनी ने अपना पेमेंट गेटवे शुरू करने के लिए दिल्ली और बंगलूरू में स्थित एक स्टार्टअप कंपनी MMAD कम्यूनिकेशन के साथ करार किया है। यह कंपनी ही आईआरसीटीसी को इसके लिए टेक्नोलॉजी और बैकएंड सपोर्ट देगी।
अधिकारियों के अनुसार रेलवे का मकसद ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित कर करना है। रेलवे ने फिलहाल इस प्रावधान को एक वर्ष के लिए लागू करने का निर्णय लिया है। तीन महीने में इसके मूल्यांकन के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। रेलवे को इससे लाभ हुआ तो इस नीति को एक साल से अधिक के लिए लागू किया जाएगा।