हाउसिंग डॉट कॉम के बोर्ड ने कोफाउंडर और सीईओ राहुल यादव को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कंपनी से निकाल दिया है। करीब महीने भर पहले ही राहुल यादव ने इस्तीफा दिया था, लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ था।
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इसके बाद से ही मीडिया में राहुल यादव की नकारात्मक छवि बनने लगी थी, जिसके चलते आज यानी बुधवार को हुई बोर्ड की मीटिंग में राहुल यादव को निकाल दिया गया है। अब कंपनी एक नए सीईओ की तलाश में है।
बोर्ड ने कहा है कि राहुल यादव को निवेशकों, पार्टनर्स और मीडिया के प्रति खराब व्यवहार के चलते निकाला गया है। बोर्ड का मानना है कि किसी सीईओ का इस तरह का बर्ताव कंपनी के लिए नुकसानदायक है।
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राहुल यादव आईआईटी बॉम्बे से फोर्थ ईयर ड्रॉपआउट हैं, जिन्होंने हाउसिंग डॉट कॉम रियल एस्टेट स्टार्टअप को आईआईटी बॉम्बे के ही कुछ ग्रेजुएट्स के साथ मिलकर जून 2012 में शुरू किया था।
राहुल को कंपनी से निकालने के बाद राहुल यादव एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। ये पहली बार नहीं है कि राहुल यादव चर्चाओं में आ गए हों। इससे पहले भी चार बार राहुल सोशल मीडिया पर चर्चा में आए थे।
टाइम्स समूह पर हमला
पहली बार
हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया ने राहुल यादव के फिर से इस्तीफा देने की खबर को छापा था। इसमें दावा किया गया था कि राहुल ने फिर से हाउसिंग डॉट कॉम के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है।
साथ ही यह भी लिखा था कि बोर्ड ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। इस खबर का लिंक शेयर करते हुए राहुल ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा था कि अगर आपके साथ टाइम्स समूह है तो आपको गर्लफ्रेंड की क्या जरूरत है?
दूसरी बार
दूसरी बार राहुल तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने पहली बार इस्तीफा देकर उसे सोशल मीडिया साइट पर प्रचारित कर दिया था। उस समय उन्होंने हाउसिंग डॉट कॉम के बोर्ड का अपना खुला इस्तीफा पत्र भेज दिया था।
उस समय राहुल के इस्तीफे को युवाओं ने हाथों हाथ लिया था। साथ ही राहुल को उनके इस प्रयास के लिए काफी सराहना मिली थी। पर उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया था।
200 करोड़ के शेयर बांटने की घोषणा
तीसरी बार
तीसरी बार राहुल तब चर्चा में आए जब उन्होंने अपने 200 करोड़ रुपए के शेयर अपने कर्मचारियों में बांटने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद राहुल यादव फिर से चर्चा में आ गए थे और बिजनेस जगत के साथ-साथ सोशल मीडिया और समाचारों की सुर्खियों में आ गए।
आईआईटी बॉम्बे के ड्रॉप आउट स्टूडेंट और अलवर के रहने वाले राहुल का यह कदम सुर्खियों में इसलिए भी आ गया क्योंकि इतनी कम उम्र में किसी भारतीय सीईओ ने अपने कर्मचारियों को अपने हिस्से के 200 करोड़ रुपए बांट दिए हों।
राहुल के इस कदम को सोशल मीडिया के साथ-साथ अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना प्रचार करने वाला बताया गया। साथ ही कहा गया कि मीडिया की तरफ अपना ध्यान खींचने के लिए राहुल ऐसा कर रहे हैं।
चौथी बार
चौथी बार राहुल तब चर्चा में आए जब इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का की एयरपोर्ट पर सोते हुए फोटो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दी थी।
राहुल ने तब दावा किया था कि एयरपोर्ट पर किसी अहम मुद्दे पर जब उन्होंने विशाल सिक्का से बातचीत करनी चाही तो उन्होंने मना कर दिया। राहुल के मुताबिक बिना प्रश्न सुने ही विशाल ने कहा कि वह सोना चाहते हैं।
राहुल ने इसके बाद विशाल सिक्का की सोते हुए फोटो फेसबुक पर पोस्ट कर दी। इसके बाद विशाल सिक्का की सोने वाली बहुत तेजी से वायरल हो गई।
इन विवादों में भी रहे हैं शामिल
कुछ समय पहले ही राहुल यादव का नाम टाइम्स ग्रुप के साथ कानूनी लड़ाई को लेकर सामने आया था। आपको बता दें कि टाइम्स ग्रुप मैजिकब्रिक्स डॉट कॉम वेबसाइट चलाता है, जो हाउसिंग डॉट कॉम का प्रतिद्वंद्वी भी है।
मार्च 2015 में यादव ने सिकोइया (Sequoia) कैपिटल इंडिया के शैलेंद्र सिंह को एक ईमेल लिखा था, जिसमें शैलेंद्र पर अमानवीय और गलत काम करने का आरोप लगाया था।
आपको बता दें कि सिकोइया कैपिटल अमेरिका की कंपनी है, जिसमें कई भारतीय स्टार्टअप जैसे ओला और कार देखो में पैसे लगाए हुए हैं। हालांकि, इसने हाउसिंग डॉट कॉम में पैसे नहीं लगाए हैं।
हाउसिंग डॉट कॉम में दिसंबर 2014 में जापान की सॉफ्टबैंक की तरफ से 550 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसके बाद कंपनी की वैल्यू 1,500 करोड़ रुपए हो गई है।
कंपनी के बोर्ड में राहुल यादव, सीओओ और को-फाउंडर अदवित्य शर्मा, हेलियन वेंचर पार्टनर्स के आशीष गुप्ता और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स के सुविर सुजान थे, जिनमें से अब राहुल यादव को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
आपको बता दें कि हाउसिंग डॉट कॉम में जापान की कंपनी सॉफ्टबैंक की करीब 30 फीसदी की हिस्सेदारी है। इसके अन्य निवेशकों में फैल्कन एड, नेक्सस वेंचर पार्टनर्स और क्वालकॉम वेंचर्स हैं।