पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने ट्विट करके कहा कि कंपनी जल्द ही किम्भो का अपडेटेड वर्जन लांच करेगी, जिसमें सभी विसंगतियों को दूर किया जाएगा। हालांकि किम्भो और बोलो एप को बनाने वाली डेवलपर एक ही कंपनी है, जिससे लोगों में यह भ्रांति फैली है कि यह पतंजलि का ही एप है।
सिक्योरिटी को लेकर उठे सवाल
फ्रांस के सिक्योरिटी रिसर्चर इलियट ऐल्डर्सन ने ट्वीट करके किम्भो एप की सिक्योरिटी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यहां तक दावा किया कि वे सभी यूजर्स के मैसेज को आसानी से पढ़ सकते हैं।