अर्थव्यवस्था में सुस्ती की खबरों के बीच छोटे घरेलू उपकरणों की बिक्री में तेजी सरकार के लिए राहत की बात है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन के दौरान मिक्सर, जूसर, ग्राइंडर, टोस्टर, सैंडविच मेकर, प्रेस और ओवन जैसे छोटे घरेलू उपकरणों की बिक्री में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, इसमें से अधिकतर बिक्री ऑनलाइन या ई-कॉमर्स वेबसाइट और संगठित बड़े स्टोर चेन के जरिए हुई है।
दिवाली के आसपास ऐसे उपकरणें की बिक्री भले ही बढ़ी हो, लेकिन इसमें पारंपरिक दुकानदारों की हिस्सेदारी काफी कम है। वाधवा का कहना है कि अधिकतर बिक्री अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, शॉप क्लूज और टाटा क्लिक जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए हुई।
कृष्णा सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुशेंद्र गर्ग का कहना है कि अधिकतर ग्राहक जब खरीदारी करने आते हैं तो ऑनलाइन या ई-कॉमर्स वेबसाइटों से सामानों की कीमतों की तुलना करते हैं। साथ ही उन वेबसाइटों जितनी छूट मांगते हैं।
कई बार तो देखा गया है कि ऑनलाइन वेबसाइटों पर किसी सामान की कीमत उतनी ही होती है, जितने मूल्य में वह फैक्ट्री से आ रहा है। ऑनलाइन या ई-कॉमर्स वेबसाइट वितरक से सामान लेते हैं, जिसमें वितरकों का मार्जिन भी 10 फीसदी होता है। उन्होंने बताया कि अधिक छूट मिलने की वजह से ग्राहक पारंपरिक दुकानों से खरीदारी के बदले ऑनलाइन या ई-कॉमर्स वेबसाइटों का रुख करते हैं। इसका बिक्री पर काफी असर पड़ता है।
नीति आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि छोटे घरेलू उपकरणों की खरीदारी वही लोग करते हैं, जिनके घर में अभी तक इस तरह के उपरकण नहीं है। इससे साफ जाहिर है कि त्योहारी सीजन में अभी जितनी खरीदारी हुई है, उनमें अधिकतर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में हुई होगी।
अगर शहरों में भी इसकी बिक्री बढ़ी है तो वह निम्न मध्यम परिवार में ही हुई होगी। इससे यह भी पता चलता है कि सुस्ती की जो बात की जा रही है, वह काल्पनिक है। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में सुस्ती का दौर होता तो त्योहारी सीजन में बिक्री के ये आंकड़े सामने नहीं आते।