केंद्र सरकार जल्द ही दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा, फ्लिपकार्ट और अमेजन की तर्ज पर 'भारतक्राफ्ट' पोर्टल को शुरू करने जा रही है, जिससे छोटे उद्योगों को अपने उत्पाद देश भर में बेचने की सुविधा मिलेगी। इस पोर्टल के जरिए दो-तीन साल में करीब 10 लाख करोड़ रुपये का राजस्व आने की उम्मीद है। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी। गडकरी ने कहा भारतक्राफ्ट पोर्टल एमएसएमई कंपनियों को बाजार उपलब्ध कराएगा और अपने उत्पादों को बेचने में मदद करेगा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 'इमर्ज' मंच पर 200वीं एमएसएमई कंपनी 'वंडर फाइबरोमेट्स' के सूचीबद्ध होने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हम एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देना चाहते हैं। यह क्षेत्र वर्तमान में विनिर्माण में करीब 29 फीसदी और निर्यात में 40 फीसदी का योगदान करता है।"
एमएसएमई क्षेत्र में अगले पांच साल में 5 करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित करने की क्षमता है। सरकार ने अगले पांच साल में विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के योगदान को 50 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
एमएसएमई के लिए भुगतान हमेशा से एक समस्या रही है क्योंकि सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों छोटी एवं मझोली कंपनियों का बकाया चुकाने में देरी करती हैं। इस पहलू का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की गई है और हमें उम्मीद है कि अगले कुछ दिन में उसकी रिपोर्ट आ जाएगी। सरकार एमएसएमई क्षेत्र के भुगतान में तेजी लाने के लिए कानून ढांचा बनाने पर विचार कर रही है। बिलों के भुगतान में देरी होने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।