इस तरह से की तैयारी
कंपनी ने चुनावों के लिए न केवल अपनी टीम को दिल्ली में भेजा, ब्लकि ग्रामीण इलाकों का भी दौरा किया ताकि वो लोगों की नब्ज को टटोल सके। फेसबुक के भारत में करीब 30 करोड़ ग्राहक हैं। कंपनी ने अपने तीन ऑपरेशन सेंटर में 40 टीम तैयार की, जो रोजाना 10 लाख अकाउंट पर नजर रखती थी। इस टीम में डाटा वैज्ञानिक, रिसर्च, कानून विशेषज्ञ, थ्रेट इंटेलीजेंस, भाषा के जानकार मौजूद हैं। इन लोगों को कंपनी के 30 हजार कंटेंट मॉडरेटर्स से भी मदद मिल रही थी।
इन पर रखी जा रही थी नजर
जैसे ही एक सेंटर पर काम बंद हो जाता था, तो दूसरा सेंटर पर काम शुरू हो जाता था। इन सेंटर पर फर्जी सूचनाओं, भड़काऊ भाषण, मतदाताओं को दबाव बनाना, वीडियो के साथ छेड़छाड़ और विदेशी दखल पर नजर रखी जाती है। इस तरह का कंटेट साइट पर से कुछ मिनटों से लेकर के घंटों में हटा दिया जाता था।
इससे बढ़ गई थी चिंता
फेसबुक ने अपनी ग्राउंड रिसर्च में पाया कि भारत में कुछ जातियों और धर्मों के खिलाफ काफी कुछ नकारात्मक पोस्ट किया जाता है। हिंदी बेल्ट के अलावा अन्य भाषाओं में इस तरह का संवेदनशील कंटेंट पेश किया जाता है, जिसका प्रसार रोकना बहुत जरूरी है।