बदलते सामाजिक माहौल के मद्देनजर उपभोक्ता व्यवहार में भी महत्वपूर्ण बदलाव आया है। वैश्वीकरण, इंटरनेट और सोशल मीडिया के व्यापक इस्तेमाल ने ग्राहकों के व्यवहार को बदल दिया है। हर संगठन से आज ग्राहकों को बाधा रहित यूजर एक्सपीरियंस के साथ बिजली की गति से उत्पादों और सेवाओं को वितरित करने की अपेक्षा रहती है।
धीरज के स्तर की अवधि दिन से सिमट कर कर घंटों और मिनटों में सिमट गई है। ग्राहक को सेवाओं की डिलीवरी तुरंत चाहिए और साथ ही अपनी खरीद की पल-पल की रिपोर्ट भी। वक्त की मांग के अनुसार, वित्तीय क्षेत्र भी डिजिटलीकरण की दिशा में प्रयास कर रहा है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सेवा और उत्पाद ग्राहकों को आराम से घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध किए जा सकें।
पोर्टल, खरीद, वितरण और भुगतान को विकसित करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल किया जा सकता है।
डिजिटाइजेशन को सहज बनाना
डिजिटाइजेशन का मतलब किसी मौजूदा प्रक्रिया का स्वचालन नहीं है, हालांकि इससे बिक्री प्रक्रियाओं की जटिलताओं को सरल बनाने और ग्राहक अनुभव को समृद्ध बनाने में योगदान लिया जा सकता है। आज डिजिटलीकरण और ऑनलाइन खरीद द्वारा सक्षम लेनदेन पर अधिक से अधिक व्यवसाय कर रहे हैं।
कंपनियां अपनी व्यवसाय प्रक्रियाओं में डिजिटलीकरण को तेज कर रही हैं। इसमें कम दस्तावेज और स्वचालित निर्णय लेने का सुधार भी शामिल है। उदाहरण के लिए वित्तीय क्षेत्र में, बीमा का प्रीमियम भरने, निधियों को भुनाने और टैक्स विवरण प्राप्त करने जैसी पूरी प्रक्रिया अपने मोबाइल फोन से पूरी की जा सकती है।
वास्तव में टैबलेट-आधारित बिक्री प्रक्रिया की सहायता से वित्तीय योजनाकार ऐसी तमाम प्रक्रियाओं को अंजाम दे सकते हैं। टैबलेट में प्री-इंस्टॉल सूचनाओं के जरिये आयु और जीवन स्तर की प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं की सिफारिश की जाती है।