मंगलवार को ईडी ने एनएसई फोन टैपिंग मामले में लंबी पूछताछ के बाद मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडेय को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने बुधवार को उन्हें नौ दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। ईडी ने इस मामले में कोर्ट में आवेदन देकर संजय पांडेय की 14 दिनों की रिमांड मांगी थी।
प्रवर्तन निदेशालय ने एनएसई मामले में गिरफ्तार मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर को राउज अवेन्यू कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें नौ दिनों की ईडी की रिमांड पर भेज दिया है। उससे पहले ईडी ने कोर्ट में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर की 14 दिनों की रिमांड के लिए आवेदन दिया था। जिस पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को ईडी ने एनएसई फोन टैपिंग मामले में लंबी पूछताछ के बाद मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडेय को गिरफ्तार कर लिया था। आपको बता दें कि बीते सोमवार को भी मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था।
आपको बता दें कि फोन टैपिंग मामले में ही गिरफ्तार की गईं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर चित्रा रामकृषण जब 2013 से 2016 के बीच पद पर थीं उस समय संजय पांडेय की एक कंपनी के लिए जरिए एनएसई कर्मचारियों के फोन टैपिंग कराने का मामला प्रकाश में आया था।
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प्रवर्तन निदेशालय को जब इस टैपिंग की भनक लगी थी, तो उन्होंने तुरंत गृह मंत्रालय को इसकी जानकारी दी थी और मामले में सीबीआई की इंट्री हुई थी। ईडी ने टैपिंग के उसी मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त को मंगलवार को गिरफ्तार किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में में इस बात का भी दावा किया जा रहा है कि संजय पांडेय की कंपनी को एनएसई कर्मचारियों की फोन टैपिंग कराने के लिए 4.45 करोड़ रुपये मिले थे। आपको बता दें कि संजय पांडेय मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर रहने से पहले महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम के प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात थे।
साल 2021 के अप्रैल महीने में महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र के डीजीपी का प्रभार सौंप दिया था। 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे संजय पांडेय मुंबई के 76वें पुलिस कमिश्नर थे। बीते 30 जून को ही वे सेवानिवृत हुए हैं।