देश के सबसे पुराने वित्तीय संस्थान आईएफसीआई ने चालू वित्त वर्ष के दौरान गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के निस्तारण से लगभग 2,000 करोड़ रुपये की वसूली की उम्मीद जताई है।
आईएफसीआई के प्रबंध निदेशक (एमडी) ईएस राव ने बताया कि संस्थान ने वाणिज्यिक रियल एस्टेट सहित अपने कुछ गैर-कोर अचल परिसंपत्तियों को वित्त वर्ष 2018-19 में बिक्री के लिए चिन्हित किया है और अगर उनकी सही कीमत मिली, तो उनकी बिक्री कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि आईएफसीआई का शुद्ध एनपीए 31 मार्च, 2018 को समाप्त हुए बीते वित्त वर्ष के अंत में 5,100 करोड़ रुपये था। राव ने कहा कि एनसीएलटी की गतिविधियां उत्साहजनक हैं। हम इस साल ठीक-ठाक वसूली की शुरुआत की उम्मीद कर रहे हैं।
पिछले वित्त वर्ष में 1,050 करोड़ रुपये के लक्ष्य की तुलना में हमने 960 करोड़ रुपये हासिल किए। वह प्रयास इस साल भी बरकरार रहेगा। इस वित्त वर्ष में हम 1,800-2,000 करोड़ रुपये की वसूली की उम्मीद कर रहे हैं।
कानून के मोर्चे पर काफी कुछ किया गया है, इसलिए रिकवरी से कंपनी की शुद्ध आय में बढ़ोतरी होगी और एनपीए का स्तर भी नीचे आएगा। राव ने कंपनियों का नाम लिए बिना कहा कि साथ ही, आईएफसीआई विद्युत तथा दूरसंचार क्षेत्र में अपने कुछ निवेश को बेचने पर भी गौर कर रही है।