ट्रेन में सफर के दौरान खाने की क्वालिटी, कम मात्रा और ज्यादा पैसे चार्ज करने की शिकायतों से परेशान रेल मंत्रालय ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि अब कैटरिंग में लगे सभी सप्लायर या फिर कांट्रैक्टर को खाने की पैकिंग पर सभी तरह की जानकारी देनी होगी।
रेलवे बोर्ड की तरफ से सभी जोन को जारी पत्र में कहा गया है कि अब खाने के पैकेट पर सप्लाइयर का नाम, मात्रा, पैक करने की तारीख और खाना वेज है या फिर नॉनवेज इसकी जानकारी देनी होगी अभी खाने के पैकेट पर केवल वेज या फिर नॉनवेज की जानकारी होती है।
तत्काल प्रभाव से लागू होगा नियम
इस नियम को रेलवे में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आईआरसीटीसी ने भी ट्रेनों में चल रहे सभी वेंडर और स्टाफ को नए नियम की जानकारी दे दी है।
ओवरचार्जिंग से परेशान होते थे यात्री
ट्रेन में सफर के दौरान यात्री खाने की क्वालिटी के साथ-साथ ओवरचार्जिंग की शिकायत भी करते थे। अब रेल मंत्री के इस आदेश से कैटरिंग स्टाफ की मनमानी पर अंकुश लगेगा।
- फोटो : डेमो
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के कैटरिंग स्टाफ को निर्देश दिया है कि वो तत्काल प्रभाव से यात्रियों द्वारा सफर के दौरान खरीदे जाने वाले खाने-पीने के सामान पर एक्सट्रा चार्ज न लें। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों द्वारा सर्विस के बदले टिप मांगने की प्रवृति पर भी रोक लगा दी है।
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इस हफ्ते जारी किए आदेश को रेलवे के सभी जोन में भेज दिया गया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, रेलवे काफी समय से यात्रियों की इस समस्या को सुधारना चाहती थी, लेकिन पहली बार इस पर सख्त डेडलाइन लागू की गई है।
नहीं किया लागू तो कैटरिंग स्टाफ पर लगेगा जुर्माना
आदेश को लागू करने के लिए रेलवे ने इस बार जुर्माने का प्रावधान भी किया है। अगर कैटरिंग स्टाफ के खिलाफ एक भी शिकायत मिली तो फिर ठेकेदार पर भी कार्यवाही होगी। अगर ज्यादा शिकायत मिली तो फिर ठेकेदार का कांट्रैक्ट भी रद्द किया जा सकता है। सोमवार से इस पर निगाह रखी जाएगी और यात्री इसके लिए फेसबुक, व्हाट्सऐप और ट्विटर के जरिए भी स्टाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
राजधानी, शताब्दी में स्टाफ मांगता है बख्शीश
देश की ज्यादातर राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में चलने वाला कैटरिंग स्टाफ यात्रियों से सर्विस देने के नाम पर टिप मांगता है। अन्य मेल, एक्सप्रेस ट्रेन में खाने-पीने का सामान रेलवे द्वारा निर्धारित कीमत से एक्सट्रा पैसा वसूला जाता है।