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अब आईटीआर फॉर्म में उपलब्ध होगी सभी एजेंसियों से ली गई जानकारी

Fri, 05 Feb 2021 07:27 AM IST
Kuldeep Singh बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Income Tax - फोटो : pixabay
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आयकर दाताओं के लिए टैक्स भरने और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया बेहद आसान बनाई जाएगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन पीसी मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयकर विभाग को हम सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करेंगे। करदाताओं को जल्द पहले से भरा हुआ आईटीआर फॉर्म मिलेगा, जिसमें सभी एजेंसियों से जुटाई जानकारियां शामिल होंगी।

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सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, विभाग को सुविधा केंद्र बनाने पर जोर
उद्योग संगठन फिक्की के कार्यक्रम में पीसी मोदी ने कहा कि आयकर विभाग अपनी कार्यशैली में व्यापक बदलाव कर रहा है। हम इसे लागू करने वाले विभाग की जगह कर सुविधा विभाग के रूप में विकसित कर रहे हैं।

इसके लिए कर अधिकारियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। सीबीडीटी ने अब तक करदाताओं के हित में कई कदम उठाए हैं जिसमें अवैक्तिक आकलन और अपील के अलावा लंबित मामलों को पुनः खोलने की अवधि घटाना प्रमुख है।
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इन सुविधाओं को ग्राहकों तक तेजी से पहुंचाने के लिए हम और कर अधिकारियों की भर्तियां करेंगे। रिटर्न भरना और आसान बनाने के लिए अब करदाताओं को पहले से भरे फॉर्म दिए जाएंगे। इसमें वाणिज्य मंत्रालय सीबीआईसी और सेबी जैसी सरकारी एजेंसियों से जुटाए सभी आंकड़े शामिल होंगे।

दरें घटाकर खत्म करेंगे सभी कर रियायतें
सीबीडीटी के संयुक्त सचिव कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि उद्योगों को राहत देने के लिए हमेशा टैक्स में छूट देना ही विकल्प नहीं होता। कराधान पर नीतियां बदल रही हैं और हम भविष्य में दरें घटाकर कर रियायतों को पूरी तरह खत्म कर देंगे। अगर किसी क्षेत्र को प्रोत्साहन देना है तो टैक्स में छूट के बाजार खर्च बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। हमेशा प्रत्यक्ष छूट से ही उद्योगों की मदद नहीं की जा सकती।

उच्च आय वालों ने पीएफ में जमा किए 62,500 करोड़ रुपये
सरकारी सूत्रों ने बताया कि उच्च आय वर्ग की तरफ से पीएफ में कुल 62,500 करोड़ रुपये का अंशदान किया गया है। यह राशि में 1.23 लाख अंशधारकों ने जमा कराई है। एक खाते से तो 103 करोड़ रुपये का अंशदान पीएफ में किया गया।

पीएफ अंशधारकों की कुल संख्या अभी 4.5 करोड़ है। उच्च आय वर्ग के महज 20 खातों से ही 825 करोड़ जमा कराए गए हैं। बजट में सालाना 2.50 लाख से ज्यादा के पीएफ अंशदान के ब्याज पर टैक्स वसूलने का प्रावधान किया है।

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