भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने अमेरिका, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात समेत दस देशों के अप्रवासियों को एनआरई (नॉन रेसीडेंट एक्सटर्नल) या एनआरओ (नॉन रेसीडेंट ऑर्डिनरी) खातों से यूपीआई का इस्तेमाल करके धन के हस्तांतरण (डिजिटल रूप से) करने की अनुमति दी है।
एनपीसीआई ने एक सर्कुलर में कहा कि उसे अप्रवासियों को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) में लेन देन के लिए अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं।
एनपीसीआई ने मंगलवार को जारी सर्कुलर में कहा कि उसने यूपीआई प्रतिभागियों (पार्टिसिपिएंट्स) को 30 अप्रैल तक तंत्र स्थापित करने के लिए कहा है, जिसके तहत एनआरई/एनआरओ खातों वाले अप्रवासियों को अपने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके धन हस्तांतरण करने की अनुमति दी जाएगी।
शुरुआत में यह सुविधा जिन दस देशों के लिए उपलब्ध होगी उनमें सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, ओमान, कतरक, अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ब्रिटेन शामिल हैं। वहीं एनआरआई और पीआईओ, एनआरई और एनआरओ खाते भारत से बाहर रहने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा रुपये में वास्तविक लेने के लिए खोले जा सकते हैं।
यूपीआई प्लेटफॉर्म का संचालन करने वाली एनपीसीआई ने कहा, शुरुआत में हम दस देशों के देश कोड वाले मोबाइल नंबरों से लेनदेन को सक्षण करेंगे और निकट भविष्य में अन्य देश कोडों के लिए विस्तार करेंगे।
भारतीय भुगतान परिषद (पीसीआई) के अध्यक्ष विश्वास पटेल ने कहा, एनआरआई के भारत आने पर भुगतान/मनी ट्रांसफर सुविधा के रूप में होगा। सर्वत्र टेक्नोलॉजीज के संस्थापक और प्रबंध निदेशक मंदार अगाशे ने कहा, सिम बाइंडिंग के कारण इन वर्षों में एनआरआई यूपीआई नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर सके, जो यूपीआई की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सुविधा है, यह केवल भारतीय सिम कार्ड के लिए उपलब्ध थी।