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नीति आयोग को भरोसा, 12-13 क्षेत्रों में दुनिया की अगुवाई कर सकता है भारत

Wed, 08 Jul 2020 05:09 AM IST
योगेश साहू बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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amitabh kant
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सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने भरोसा जताया है कि महामारी और आर्थिक संकट के दौर में भी 12-13 ऐसे क्षेत्र हैं, जहां भारत दुनिया में अव्वल बन सकता है। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर जोर दिया जाए तो अगले एक दशक से ज्यादा समय तक तेज विकास दर हासिल करने के साथ लाखों रोजगार पैदा किए जा सकते हैं।

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उद्योग संगठन फिक्की के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कांत ने कहा, भारत ही नहीं अमेरिका, यूरोप सहित दुनियाभर के देश कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए राहत पैकेज भी दिया है और मुझे पूरा भरोसा है कि तेज सुधार के साथ जल्द ही यह सामान्य अवस्था में पहुंच जाएगी।

सुधार के संकेत अभी से दिखने लगे हैं। एफएमसीजी जैसे मुख्य क्षेत्रों में खपत और मांग तेजी से बढ़ रही है। हर आपदा एक अवसर लेकर आती है और अभी भारत के पास 12-13 क्षेत्रों में दुनिया से आगे निकलने का मौका है।
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डाटा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जीनोमिक्स, परिवहन और नवाचार उद्योग क्षेत्र में भारत अगर पूरी ऊर्जा से काम करे तो अन्य देशों से काफी आगे निकल सकता है। ये सतत विकास के साथ बड़ी संख्या में रोजगार सृजन भी कर सकते हैं।

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संरक्षणवाद नहीं आत्मनिर्भर भारत

सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान की बुनियाद वैश्वीकरण के खिलाफ या संरक्षणवाद पर नहीं, बल्कि सुधारवाद है। इसके जरिये एमएसएमई और कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव किया जाएगा। इसमें दुनिया में बेहतर करने और विश्वस्तरीय उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जो पहले घरेलू बाजार में और फिर वैश्विक बाजार पर मजबूती से छा जाएगा।  -अमिताभ कांत, सीईओ, नीति आयोग

प्रतिस्पर्धा की नई जगह वर्चुअल दुनिया 
महामारी से दुनियाभर में प्रतिस्पर्धा का माहौल बदल रहा है। वर्चुअल दुनिया इसकी नई जगह बन रहा है। इसलिए सरकार देश की सॉफ्ट पॉवर उभारने पर काम रही है और मीडिया-मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में सुधार पर जोर दिया जा रहा है। जल्द ही फिल्मों की शूटिंग को भी शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है। -प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री
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