वित्त मंत्री अरुण जेटली ने टैक्स का बोझ कम करने के लिए 3 लाख से 5 लाख रुपये तक सालाना इनकम वालों के लिए कर दर 5 फीसदी कर दी है। इसके अलावा 3 लाख वालों को इनकम टेक्स में पूरी तरह से राहत मिलेगी। 3 लाख की आय तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। 3 लाख से 3.5 लाख वालों को 2500 रुपये टैक्स देना होगा और 3.5 लाख से पांच लाख तक वालों को पांच फीसदी टैक्स देना होगा पचास लाख से एक करोड़ वालों पर दस फीसदी अतिरिक्त सरचार्ज लगेगा।
खास बातें इस बजट की
3 लाख रुपये से ऊपर कैश ट्रांजेक्शन नहीं हो सकेगा, 3 लाख से ऊपर लेनदेन डिजिटल ही होगा
आंध्र में जमीन पर कैपिटल टैक्स नहीं
घरों के लिए कैपिटल गेन टैक्स घटाया गया, कैपिटल गेन टैक्स की सीमा 3 साल से 2 साल की गई
कार्पेट एरिया ज्यादा होगा, सस्ते घरों की स्कीम जारी रहेगी
बिल्ट अप एरिया को कारपेट एरिया माना जाएगा
3 लाख की इनकम वालों को नहीं देना होगा इनकम टैक्स
tax evasion
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जो बजट पेश किया है उससे मीडिल क्लास को ज्यादा फायदा पहुंचने की उम्मीद है। हम आपको बताने जा रहे हैं कि कितनी सालाना इनकम पर आपको कितनी टैक्स छूट मिलेगी।
3 लाख की इनकम वालों को नहीं देना होगा इनकम टैक्स
पहले 3 लाख रुपये तक की आय वालों को 3090 रुपये का टैक्स देना होता था। वित्त मंत्री ने ऐसे लोगों को सबसे ज्यादा राहत देते हुए अब इनके लिए टैक्स देनदारी शून्य कर दी है।
5 लाख वालों को टैक्स में होगा 10 हजार का फायदा
सालाना 5 लाख रुपये तक की आमदनी करने वालों के लिए इनकम टैक्स की दर को 10 फीसदी से घटाकर के 5 फीसदी कर दिया गया है। पहले 23690 रुपये टैक्स के रुप में देने होते थे, जो अब घटकर 12875 रुपये हो जाएगा। इससे इस क्षेणी में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 10815 रुपये का फायदा होगा।
10 लाख की कमाई वालों को 12 हजार का फायदा
अगर किसी व्यक्ति की सालाना इनकम 10 लाख रुपये है तो उसको 1,28,750 रुपये देने होते थे। अब इनके लिए भी टैक्स रेट रिवाइज हो जाने के कारण 1,15,875 रुपये टैक्स में देने होंगे, जिससे ऐसे लोगों को 12,875 रुपये का लाभ मिलेगा।
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इनको हुई निराशा
आयकर विभाग
महिलाओं के लिए इस बजट में कुछ खास नहीं मिला है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को भी इस बजट में ऐसा कुछ नहीं मिला है जिससे वो खुश हो सकें। महिलाओं की एक मांग थी की एलपीजी और पीएनजी के दामों में कमी की जाए, लेकिन वित्त मंत्री ने इसके लिए भी कोई खास घोषणाएं नहीं की हैं। इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी में मिलने वाली छूट के दायरे को नहीं बढ़ाया गया है।