नेशनल कमोडिटी एंड डेरीवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए मंडी कर में छूट दी जानी चाहिए। ऐसा करने से किसानों के उत्पादों की सामूहिक बिक्री को प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी प्रतिस्पर्धआ क्षमता में भी इजाफा होगा।
उनका कहना है कि प्रोसेस्ड एग्री कमोडिटीज पर लगाया गया कमोडिटी लेनदेन कर (सीटीटी) ने बाजार में सक्रिय खिलाड़ियों की लागत को बढ़ा दिया है। सरकार को एक बार फिर से सीटीटी नीति पर विचार करना चाहिए। ताकि प्रभावी लागत कम कर बड़े हेजर्स और ट्रेडर्स की भागीदारी को आसान बनाया जा सके।
कर परामर्श कंपनी केपीएमजी के सर्वे के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आयकर छूट सीमा मौजूदा 2.5 लाख रुपए सालाना से आगे बढ़ा सकती हैं। सर्वे में ज्यादातर लोगों ने उम्मीद जताई कि बजट में सरकार आयकर छूट सीमा मौजूदा 2.5 लाख रुपए सालाना से आगे बढ़ा सकती हैं।
वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष के लिए करदाताओं की पांच लाख रुपए तक की आय को करमुक्त किया हुआ है।तमाम छूट और रियायतों के बाद यदि कर योग्य आय पांच लाख रुपए से कम रहती है तो कोई कर देय नहीं होगा। हालांकि, जहां तक कर स्लैब का मुद्दा है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। व्यक्तिगत आयकर स्लैब में 2.5 लाख से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत की दर से कर देय है।
वहीं पांच लाख से 10 लाख तक 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से अधिक के लिए 30 प्रतिशत की दर से आयकर लागू है। सर्वे में शामिल लोगों में से ज्यादातर का यह भी मानना है कि सरकार बजट में मानक कटौती बढ़ाएगी तथा होम लोन के मामले में और प्रोत्साहन दे सकती है।