भारत में आर्थिक अपराध पर रोक लगाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग को लेकर बहुप्रतीक्षित वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की समीक्षा अगले साल तक के लिए टाल दी गई है। अधिकारी ने बताया कि यह फैसला कोरोना महामारी को देखते हुए लिया गया है।
उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर वैश्विक संस्था के विशेषज्ञ जो समीक्षा करते हैं, वह इस साल सितंबर-अक्तूबर में प्रस्तावित थी। पेरिस स्थित संस्थान ने भारत को इसकी जानकारी दे दी है कि अब इसका परीक्षण अगले साल जनवरी-फरवरी तक टाल दिया गया है।
एफएटीएफ मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर निगरानी रखने वाली एक एक वैश्विक संस्था है, जो इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक तैयार करती है।