बीते नवरात्रों की उत्साहजनक बिक्री से मोटर वाहन बाजार की धनतेरस के लिए भी पूरी तैयारी है। कार बनाने वाली सभी बड़ी कंपनियों ने खुद या डीलरों के साथ मिल कर आकर्षक योजना बनाई है। सभी ब्रांड के मोटर वाहन बेचने वाले ऑनलाइन मार्केटप्लेस ड्रूम के सीईओ संदीप अग्रवाल का कहना है कि धनतेरस-दिवाली के अवसर मोटर वाहनों पर एक लाख रुपये तक की छूट, कम प्रीमियम पर बीमा और रोड साइड असिस्टेंस मुफ्त जैसे ऑफर हैं। कोई चाहे तो महज एक लाख रुपये देकर नई स्विफ्ट डिजायर ले जा सकता है। शेष रकम का लोन हो जाएगा जिसकी किस्त एक साल बाद से शुरू होगी।
चांदी की मूर्तियों के बजाय सिक्कों पर जोर
चांदी कारोबारियों का कहना है कि पहले धनतेरस में चांदी की मूर्तियों की खरीदारी खूब होती थी। लेकिन इस बार ट्रेंड मूर्तियों का नहीं बल्कि सिक्कों का दिख रहा है। कारोबारियों ने चांदी की मछली, गणेश और लक्ष्मी की प्रतिमा, कुबेर की प्रतिमा तथा लड्डू गोपाल की प्रतिमा का भी आर्डर दिया है, लेकिन छोटे आकार में।
कारोबारियों के लिए फीकी दिवाली
कंफेडरेशन आफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि इस साल कारोबारियों के लिए फीकी दिवाली रहेगी क्योंकि अर्थव्यवस्था में सुस्ती है और बाजार में नकदी का अभाव है। ऊपर से ऑनलाइन कंपनियों ने पहले ही बाजार खराब कर दिया है, इसलिए धनतेरस या दिवाली पर ज्यादा ग्राहकी की उम्मीद नहीं है। इसलिए व्यापारियों की बिक्री प्रभावित होगी और करीब 40 फीसदी तक कारोबार घट जाएगा।
पारंपरिक ज्वैलर्स हैं आशंकित
अर्थव्यवस्था में पहले जैसी तेजी के लक्षण नहीं दिखने से पारंपरिक ज्वेलर्स आशंकित भी हैं। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का कहना है कि उत्तर भारत के सभी शहरों में जेवरातों की आपूर्ति यहीं से होती है। लेकिन इस बार पारंपरिक ज्वेलरों ने कम माल का आर्डर दिया था। उनका कहना है कि पिछले साल धनतेरस पर जितनी बिक्री हुई थी, उसके मुकाबले इस बार 80 फीसदी भी बिक्री हो जाए तो वह खुश हो जाएंगे। इसलिए रिटेलरों में हल्के-फुल्के गहनों का आर्डर ज्यादा दिया है।