कोरोना वायरस के बीच देश की गिरती अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए देश के पूर्व प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री डां. मनमोहन सिंह ने कुछ सुझाव बताए हैं।
उन्हें देश बड़ा अर्थशास्त्री भी कहते हैं। उनका मानना है कि डायरेक्ट कैश ट्रांसफर, क्रेडिट गारंटी स्कीम जैसी स्कीम जिससे कारोबार के लिए पूंजी मिलेगी इससे कहीं हद तक आर्थिक सुधार किया जा सकता है और सीधे खाते में पैसा डालने से ही चीजें ठीक होंगी। संस्थानों की स्वायतता से वित्तीय क्षेत्र का संकट दूर होगा।
बीबीसी को दिए इंटरव्यू में सिंह ने कहा कि मौजूदा दौर में डिप्रेशन शब्द को इस्तेमाल नहीं करना चाहता। साथ ही कहा कि हमें आर्थिक सुस्ती के लंबे दौर से सामना करना होगा और कहा कि यह आर्थिक सुस्ती मानवीय संकट से है और हमें आर्थिक आंकड़ों के बजाय सामाजिक भावनाओं के नजरिए से देखना होगा।
भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं इसी बीच पूर्व पीएम ने जीडीपी में तेजी से गिरावट की आशंका जताई है। उनका मानना है कि भारत को 50 साल में सबसे बड़ी मंदी का सामना करना पड़ सकता है।
पूर्व पीएम कहा कि अगर हम सेना, स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियों को देखें और उन पर जीडीपी का 10 प्रतिशत खर्च करना चाहें तो हमें कर्ज लेना होगा। साथ ही कर्ज पर बात करते हुए कहा कि सरकार को कर्ज लेना चाहिए, अगर उधार लेने से जिंदगियां और लोगों को रोटी मिल सकती है तो कर्ज लेने में कई बुराई नहीं है।