अमेरिका की लग्जरी बाइक कंपनी हार्ले डेविडसन के भारत में कारोबार समेटने से उसकी 35 डीलरशिप पर 2,000 नौकरियां खत्म हो जाएंगी। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने शुक्रवार को कहा, हार्ले ने अपने किसी भी डीलर को परिचालन बंद करने की आधिकारिक सूचना नहीं दी है।
फाडा ने कहा...ब्रांड के डीलरों को होगा 130 करोड़ का नुकसान
उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित ब्रांड में जिन डीलरों ने पूंजी लगाई है, उन्हें बिना किसी क्षतिपूर्ति पैकेज के एक त्यागे बच्चे की तरह छोड़ दिया गया है। इस ब्रांड के साथ डीलरशिप की लागत 3-4 करोड़ रुपये है। इस तरह उसके डीलरों के 110-130 करोड़ रुपये डूब जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के ग्राहक को भी परेशानियां उठानी पड़ेगी क्योंकि अब कलपुर्जों की भी कमी होगी। हार्ले ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह भारत में बिक्री और विनिर्माण कार्यों को बंद कर रही है।
जनरल मोटर्स, मैन ट्रक्स और यूएम लोहिया के बाद हार्ले चौथा वाहन ब्रांड है, जिसने भारत में पिछले तीन साल में परिचालन बंद किया है। गुलाटी ने कहा, अगर भारत में फ्रेंचाइजी संरक्षण कानून होता तो इस तरह के ब्रांड अपना परिचालन बंद नहीं करते। अपने डीलरों और ग्राहकों को ठीकठाक क्षतिपूर्ति भी देते।
हीरो के जरिए बेचेगी 300-600 सीसी की बाइक
हार्ले डेविडसन इंडिया हीरो मोटोकॉर्प के जरिए भारतीय बाजार में बिक्री जारी रख सकती है। मामले से जुड़े तीन सूत्रों ने बताया कि इस साझेदारी पर दोनों कंपनियों में बातचीत चल रही है। हीरो मोटोकॉर्प भारत में हार्ले बाइक के लिए मास्टर डिस्ट्रीब्यूटर होगा। एक सूत्र ने बताया कि 300-600 सीसी इंजन क्षमता वाली कम-से-कम एक हार्ले बाइक के लिए हीरो मोटोकॉर्प से साझेदारी पर चर्चा चल रही है, जिसे बाद में लॉन्च किया जाएगा। इस संबंध में हार्ले की एक प्रवक्ता ने कहा, कंपनी ‘अफवाहों या अटकलों’ पर टिप्पणी नहीं कर सकती है।