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लॉकडाउन: ताजनगरी में कारोबार को नौ हजार करोड़ का झटका, सबसे अधिक नुकसान में जूता उद्योग

Tue, 28 Apr 2020 12:42 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ताजमहल - फोटो : Amar Ujala
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लॉकडाउन से ताजनगरी के कारोबार को लगभग नौ हजार करोड़ का झटका लगा है। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान जूता उद्योग को हुआ है। यह मुख्य रूप से निर्यात पर निर्भर है और अन्य देशों में भी कोरोना का प्रकोप है। इसी तरह पर्यटन को संभलने में समय भी काफी लग सकता है। आगरा का पेठा, सराफा और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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जूता उद्योग : 7500 करोड़ का नुकसान
दो तरह से मुसीबत आई है। अब तक निर्यात हुए 2500 करोड़ के माल का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं आने वाली सर्दियों के 60 फीसदी ऑर्डर निरस्त हो गए हैं। ये भी लगभग 2500 करोड़ के हैं। अब अगली गर्मी के ऑर्डर भी मिलने मुश्किल हैं क्योंकि पहले सर्दी के माल की डिलीवरी होगी। निर्यात के अलावा घरेलू जूता उद्योग भी प्रभावित हुआ है। इसकी पांच हजार से ज्यादा इकाइयां हैं।

जूता उद्योग की हालत तभी ठीक हो सकती है जब देश के साथ विदेश में भी हालात सामान्य हों। लॉकडाउन से अब तक 7500 करोड़ का नुकसान हो चुका है- राजेश सहगल, उपाध्यक्ष एफमैक।
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पर्यटन : एक हजार करोड़ की चोट
फरवरी से अप्रैल तक और फिर नवंबर में मुख्य टूरिस्ट सीजन होता है। इस बार फरवरी से अप्रैल तो बुरी तरह पिट गया। नवंबर तक हालात सामान्य होने के आसार नहीं, क्योंकि अमेरिका, इटली, फ्रांस, ब्रिटेन से बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं,सभी जगह कोरोना का कहर है। लगता है हालात सुधरने में लॉकडाउन खुलने के बाद कम से कम डेढ़ साल का समय लगेगा। होटल, ट्रैवल एजेंसी, रेस्तरां सभी को नुकसान हुआ है। 

पर्यटन व्यवसाय को एक हजार करोड़ की चोट पहुंची है। इतना खराब दौर पहले कभी नहीं देखा। अभी कम से कम डेढ़ साल इस संकट से उबरने में लग जाएंगे। वह भी तब जब हमारे देश के साथ अन्य देशों में हालात सामान्य हों - अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ ट्रैवल एसोसिएशन राजीव तिवारी, पूर्व अध्यक्ष नेशनल चेंबर
 

सराफा : 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित 
दिवाली के सीजन के अलावा पूरे साल में गर्मियों के सहालग और अक्षय तृतीय पर सबसे ज्यादा बिक्री होती है। इस सीजन में आगरा सराफा का कारोबार बहुत प्रभावित हुआ है। ऑर्डर की सप्लाई नहीं हो पा रही है। नया माल बना नहीं है। लॉकडाउन खुलने के बाद भी स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग जाएगा।  

लॉकडाउन से सीधे तौर पर लगभग 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। हजारों लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं। सबको दिक्कत हो रही है लेकिन क्या कर सकते हैं -  नितेश अग्रवाल, अध्यक्ष सराफा एसोसिएशन 
 
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पेठा उद्योग : दुकानों में रखा रह गया बना-अधबना माल
दुकानों और गोदामों में बना, अधबना पेठा रखा रह गया। कुम्हेड़ा सड़ गया। रोजाना का लगभग 10 लाख का कारोबार है। महीना भर हो गया बैठे हुए। यह कारोबार पर्यटन से जुड़ा हुआ है। जब पर्यटन सामान्य होगा, तभी पेठा कारोबार में मिठास आएगी। बड़ी संख्या में कारीगर भी घर चले गए हैं, लॉकडाउन खुलने के बाद उनकी वापसी का इंतजार करना होगा। 

पेठा उद्योग को तीन करोड़ की चोट लगी है। लॉकडाउन खुले और शहर अपनी रौ में आए तब यह कारोबार सामान्य स्थिति में आएगा। अभी तो न कच्चा माल है, न ग्राहक - संजीव सिंघल, पेठा कारोबारी एवं महामंत्री शहीद भगत सिंह कुटीर उद्योग 

इलेक्ट्रॉनिक्स : 150 करोड़ का कारोबार ठप  
गर्मी में एसी, कूलर, पंखे, फ्रिज की जबरदस्त मांग रहती है। अकेले अप्रैल में ही सीजन के 50 फीसदी एसी, कूलर खप जाते थे। इस बार सब बंद है। बड़े डीलरों के पास से शहर में माल आया ही नहीं है। कारोबारियों का कहना है कि आगरा में कोरोना के केस बढ़ने से चिंता और बढ़ रही है। यहां लॉकडाउन पता नहीं कब खुलेगा। 

इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार को 150 करोड़ का नुकसान हुआ है। पूरे साल में यह सीजन सबसे अहम होता है। सब प्रार्थना कर रहे हैं कि महामारी खत्म हो और बाजार खुल जाए - प्रदीप गोयल, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी 
 
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