आईएचएस मार्किट में अर्थशास्त्री तथा रिपोर्ट की लेखिका आशना डोढिया ने बताया कि जनवरी में भारत के सेवा क्षेत्र में सुधार जारी रहा, साथ ही मांग में सुधार आने की वजह से जून 2017 के बाद उत्पादन में तेज वृद्धि दर्ज की गई।
भारतीय सेवा प्रदाताओं ने लगातार पांचवें महीने जनवरी में कर्मचारियों की भर्तियां जारी रखकर व्यापार निवेश व उत्पादन से संबंधित समस्याओं का समाधान किया। कुल मिलाकर, बीते सितंबर के बाद पिछले महीने भर्ती की रफ्तार सबसे तेज रही।
डोढिया ने कहा कि सेवा क्षेत्र की उत्पादन लागत में वृद्धि ऐतिहासिक मानकों की तुलना में कम रही, हालांकि सेवा प्रदाता बढ़ती लागत के अधिकांश हिस्से को ग्राहकों पर डालने में सक्षम रहे।
उन्होंने कहा कि इस बीच, बीते साढे़ छह साल में दूसरे महीने भर्तियों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई, लेकिन कंपनियों को समय पर भुगतान पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।