जेट एयरवेज के इंडियन पायलट यूनियन ने कहा चेतावनी देते हुए कहा है कि 1 मई से विदेशी पायलटों के साथ प्लेन नहीं उड़ाएंगे। जेट के पायलटों के संघ राष्ट्रीय एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) को शनिवार को अपने सदस्यों को निर्देश जारी कर कहा है कि वे 1 मई से विदेशी पायलटों के साथ उड़ान नहीं भरें।
निर्देश में संघ ने आगे कहा है कि विदेशी पायलटों के साथ गलत व्यवहार और यात्रियों के साथ दुर्व्यहार किए गए हैं। कुछ मामलों का हवाला देते हुए कहा, 'हमारे यात्रियों और पायलटों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और इस तरह की हरकतों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। विदेशी पायलट हमारी कंपनी और देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा बोझ भी हैं।'
ये भी पढ़ें-कोलकाता: उड़ान भरते वक्त विमान से टकराया पक्षी, हुई इमरजेंसी लैंडिंग
जेट एयरवेज ने अपने बयान में कहा, "जेट एयरवेज नौकरी देने में भेदभाव नहीं करता। ये कंपनी सभी को रोजगार देता है। जाति, लिंग, पंथ या धर्म को देखकर नौकरी नहीं देता । आज हम पूरे विश्व में 15,000 से अधिक लोगों को रोजगार दिए हैं और एविएशन क्षेत्र में नियोक्ता के रूप में सबसे पसंदीदा कंपनी माना जाता है। हम कंपनी में नया एयरक्राफ्ट शामिल किए जाने पर विदेशियों को नौकरी देने की जरूरत को समझते हैं। 15 साल बाद विदेशी पायलटों को जॉब पर रखा है और अब भी हमारी तादाद ज्यादा है।'
ये भी पढ़ें-जम्मू और जयपुर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरु, लोगों में खुशी की लहर
बता दें कि जेट एयरवेज में करीब 100 विदेशी और 860 भारतीय कमांडर्स हैं। वैसे को-पायलट और कमांडर्स को मिलाकर कंपनी में कुल 1,700 पायलट हैं।