जेपी समूह ने खरीदारों को मार्च तक 5000 फ्लैटों का कब्जा देने का दावा किया है। समूह ने 1500 फ्लैटों के कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए नोएडा प्राधिकरण में आवेदन कर दिया है और 3500 फ्लैटों के लिए जल्द ही आवेदन करेगा। बृहस्पतिवार को यह जानकारी जेपी समूह के सलाहकार अजीत कुमार ने दी।
पिछले दिनों खरीदारों ने जेपी ग्रुप के खिलाफ काफी हंगामा किया था। तब प्रबंधन ने कुछ समय की मोहलत मांगी थी। खरीदारों के साथ किए गए वादे के मुताबिक बृहस्पतिवार को जेपी समूह ने अपने प्लान की जानकारी दी। समूह का कहना है कि सब ठीक-ठाक रहा तो 2020 तक फ्लैट खरीदारों की समस्या दूर कर ली जाएगी। हालांकि यह सब जेपी इंफ्राटेक के एनसीएलटी के मामले निबटने के बाद ही संभव है।
जेपी इंफ्राटेक के खिलाफ दिवालिया कानून के तहत प्रक्रिया चल रही है और इसके लिए 270 दिन का समय दिया गया है। अगर 270 दिन में कंपनी के हालात नहीं सुधरे, तो इसकी नीलामी की प्रक्रिया होगी। जेपी समूह के सलाहकार का कहना है कि सारा दोष बिल्डर का नहीं है। जब जेपी विशटाउन और जेपी अमन के फ्लैट बनने शुरू हुए, उसके बाद कई बाधाएं आईं। इसमें मजदूरों की कमी, एनजीटी का आदेश, भूमिगत जल की समस्या, ग्रामीणों के विरोध समेत कई अड़चनें आईं। इससे प्रोजेक्ट में करीब तीन साल की देरी हो गई।
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जेपी अमन व विशटाउन के फ्लैटों का किया आवेदन
जिन 1500 फ्लैटों के कंप्लीशन के लिए आवेदन किया गया है, उनमें जेपी अमन के 682 और विश टाउन के 818 फ्लैट हैं। इसके अलावा आगे जिस 3500 फ्लैटों के कंप्लीशन के लिए आवेदन होना है, उनमें जेपी अमन के 350 और जेपी विशटाउन के 3150 फ्लैट हैं।