फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनवरी-मार्च में 7.7 फीसदी रहेगी विकास दर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का पड़ेगा असरः नोमूरा

Mon, 14 May 2018 05:12 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
gdp
विज्ञापन

मार्च महीने में कारखाना उत्पादन में सुस्ती के बावजूद, जनवरी-मार्च अवधि में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर 7.7 फीसदी रहने की उम्मीद है, जो इसकी पिछली तिमाही में 7.2 फीसदी रही थी। नोमूरा ने अपनी रिपोर्ट में यह संभावना जताई है। 

विज्ञापन


जापानी वित्तीय सेवा कंपनी नोमूरा के मुताबिक, मार्च महीने में कारखाना उत्पादन कम रहने के बावजूद जनवरी-मार्च अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर औसत 6.2 फीसदी रही, जो चौथी तिमाही (अक्तूबर-दिसंबर) की 5.9 फीसदी की तुलना में अधिक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि औसत औद्योगिक उत्पादन वृद्धि में तेजी का अभिप्राय है कि साल की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में कुल औद्योगिक गतिविधियों में मजबूती आई, जो हमारी उस संभावना को पुख्ता करता है कि चौथी तिमाही में 7.2 फीसदी विकास दर की तुलना में पहली तिमाही में विकास दर साल दर साल के आधार पर बढ़कर 7.7 फीसदी रहेगी।
विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में निवेश तथा खपत दोनों के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था की गति में चक्रीय सुधार की संभावना है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ ही कमजोर वित्तीय परिस्थितियों की वजह से विकास दर नीचे रह सकती है। नोमूरा ने कहा कि निकट अवधि में विकास परिदृश्य के प्रति हम आशान्वित हैं, हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें तथा कमजोर वित्तीय परिस्थितियों के प्रतिकूल प्रभावों की वजह से विकास दर कम रहने की संभावना है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में कमी तथा खनन गतिविधियां व विद्युत उत्पादन में गिरावट से मार्च महीने में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर घटकर 4.4 फीसदी पर पहुंच गई।  वित्त वर्ष 2017-18 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार पर औद्योगिक वृद्धि दर भी गिरकर 4.3 फीसदी रही, जो पिछले वित्त वर्ष में 4.6 फीसदी पर थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें