जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में आवासीय और गैर अनुरूप क्षेत्रों में चल रहे 23 प्लास्टिक/रिसाइकिल यूनिटों को नोटिस दिया गया है। जम्मू-कश्मीर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने नोटिस में नेशनल ग्रीन ट्रिबुनल (एनजीटी) के नए नियमों का हवाला देते हुए यूनिटों को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
नए नियमों के तहत आवासीय क्षेत्रों में किसी तरह के प्लास्टिक का उत्पादन करना गैर कानूनी है। इससे इन यूनिटों पर ताला लग सकता है। पिछले एक हफ्ते में बोर्ड की ओर से सांबा में सबसे अधिक 10 यूनिटों को नोटिस दिए गए हैं।
इसके अलावा कठुआ में 9, जम्मू और उधमपुर में 2-2 यूनिटों को नोटिस दिया गया है। नोटिस में वाटर(प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण) एक्ट, 1974 व एयर (प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण) एक्ट 1981, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (संशोधन) रूल्स 2018 का हवाला दिया गया है।
इन यूनिटों के निरीक्षण में पाया गया है कि इनसे निकलने वाले वेस्ट से आवासीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को शारीरिक नुकसान हो सकता है। एनजीटी के नए नियमों के तहत इन सभी यूनिटों का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग और उत्पादन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। विशेष तरह के प्लास्टिक के उत्पादन में कुछ मानक तय किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डा. सईद नदीम हुसैन ने कहा कि एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। आवासीय क्षेत्र में प्लास्टिक का उत्पादन कर रहे सभी यूनिटों को नोटिस जारी करके 15 दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।