भारत और चीन के बीच तनाव को देखते हुए चीन के अरबपति कारोबारी जैक मा की अलीबाबा की सहयोगी कंपनी एंट ग्रुप भारतीय डिजिटल भुगतान सेवा प्रदाता पेटीएम में अपनी हिस्सेदारी बचने की तैयारी में है। दोनों कंपनियों ने हालांकि अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अलीबाबा की सहयोगी एंट ग्रुप जल्द ही पेटीएम में अपनी 30 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगा। इसमें कहा गया है कि तनाव के मद्देनजर भारत में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है।
इस साल जून में लद्दाख सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद भारत ने चीन के कई मोबाइल एप को प्रतिबंधित कर दिया था। साथ ही चीन के निवेश नियमों को सख्त कर दिया है। प्रतिबंधित एप में अलीबाबा के एप भी शामिल हैं।
माना जा रहा है कि एंट ग्रुप अब किसी भी भारतीय कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने से कतरा रहा है। गौरतलब है कि कंपनी ने 2015 में पहली बार भारतीय डिजिटल भुगतान सेवा प्रदाता में निवेश किया था। पेटीएम के प्रवक्ता ने कहा है कि एंट ग्रुप के साथ हिस्सेदारी बेचने को लेकर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। न ही ऐसी किसी योजना पर विचार हो रहा है।
एंट ग्रुप के निकलने से चीन को बड़ा झटका
पेटीएम इस समय 16 अरब डॉलर की कंपनी है। एक साल पहले इसमें निजी फंडिंग हुई थी, जिसके बाद इसका मूल्य बढ़ गया। बताया जाता है कि एंट ग्रुप को 30 फीसदी हिस्सेदारी के एवज में 4.8 अरब डॉलर मिल सकता है। कंपनी यदि पेटीएम से निकल जाती है, तो चीन की कंपनी के लिए यह बड़ा झटका होगा। उल्लेखनीय है कि भारतीय स्टाटअप में अलीबाबा ने भारत में अब तक 4 अरब डॉलर का निवेश किया है।