शेयर कारोबारियों को आयकर रिटर्न भरते समय शेयरों से हुई कमाई का ब्योरा देने की जरूरत नहीं होगी, यदि वे सूचीबद्ध शेयरों की इंट्रा-डे ट्रेडिंग या अल्पकालीन खरीद-बिक्री करते हैं।
वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि शेयर कारोबारी या इंट्रा-डे ट्रेडर आम तौर पर अल्पकालीन लाभ कमाने वाले माने जाते हैं। ज्यादातर मामलों में उनके शेयरों की अवधि दीर्घकालिक लाभ के लिए जरूरी शर्त के मुताबिक एक साल से कम समय की होती है।
लिहाजा शेयरों के लेनदेन से हुई अलपकालीन कमाई या कारोबारी आय को आयकर रिटर्न में दर्ज करने की जरूरत नहीं है। सरकार को यह स्पष्टीकरण आयकर निर्धारण वर्ष 2020-21 में आयकर रिटर्न में शेयर आधारित ब्योरा देने की अनिवार्यता संबंधी खबरों पर देना पड़ा है।