तमिलनाडु के कॉर्पोरेट जगत में भी जल संकट का असर दिखने लगा है। इस बीच, पानी की किल्लत से निपटने के लिए आईटी कंपनियों ने अनोखा तरीका खोज निकाला है। कई कंपनियों ने अपने कर्मियों से घर से ही काम करने को कहा है ताकि दफ्तर में पानी की खपत को कम किया जा सके। कंपनियों में केवल उन कर्मचारियों को दफ्तर बुलाया जा रहा है जिनके बिना काम किसी हालत में नहीं हो सकता।
इससे पहले कंपनियों ने पानी की किल्लत से निपटने के लिए टैंकरों और अन्य स्रोतों का सहारा लिया था लेकिन कर्मियों की प्यास से बड़ी हो चुकी पानी की किल्लत के आगे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। तमिलनाडु के आईटी कॉरीडोर के नाम से मशहूर पुराने महाबलीपुरम और सिरुसेरी आईटी पार्क की तमाम कंपिनयों ने हालांकि इसके लिए कोई लिखित आदेश नहीं दिया है लेकिन मौखिक रूप से कर्मियों से घर से काम करने को कहा है।
दस में आठ बाथरूम में ताला डाला
सिंगापेरुमल इलाके की कुछ आईटी कंपनियों ने तो बाथरूम में ताला लगाना शुरू कर दिया है। अगर किसी कंपनी के दफ्तर में एक तल पर 10 बाथरूम हैं तो उनमें से आठ को बंद कर दिया गया है केवल दो ही चालू रखे हैं।