सिप के जरिए मजबूत आमदनी ने फरवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश को 10,730 करोड़ रुपये तक बढ़ाने में मदद की है, जो मार्च, 2019 के बाद 11 महीने का उच्चस्तर है। उस दौरान इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 11,756 करोड़ रुपये था।
छोटे निवेशकों का भरोसा बरकरार
एम्फी के मुख्य कार्यकारी एनएस वेंकटेश ने कहा, हम मार्च में भी सिप के जरिए निवेश में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, बाजार की स्थितियों को देखते हुए कुछ संस्थागत निवेशक अपनी निवेश रणनीति में बदलाव कर सकते हैं। छोटे निवेशकों का इक्विटी बाजार में भरोसा बना हुआ है और वे सिप के जरिए म्यूचुअल फंडों में निवेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, मुझे यह जानकार खुशी है कि लगातार 15 महीने से सिप के जरिए मासिक निवेश 8,000 करोड़ रुपये के स्तर से अधिक रहा है। वेंकटेश के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों से सिप के जरिए निवेश लगातार बढ़ा है। 2018-19 में इसके जरिए निवेश 92,693 करोड़ रुपये रहा था। इससे पहले 2017-18 में यह आंकड़ा 67,000 करोड़ और 2016-17 में 43,900 करोड़ रुपये रहा था।