लोग अक्सर निवेश करते समय यह देखते हैं कि वे इससे कितना रिटर्न कमा सकते हैं और वहीं रुक जाते हैं। हालांकि, निवेश रिटर्न के बारे में नहीं है। यह निवेश से जुड़े जोखिम, आप जो जोखिम उठा सकते हैं। मेरा एक पड़ोसी था, जिसने 49 साल की उम्र तक अपना पैसा कभी स्टॉक या यहां तक कि म्यूचुअल फंड में नहीं लगाया था। हालांकि, हाल के वर्षों में शेयर बाजार की बढ़त देखकर उन्हें कुछ पैसे कमाने का प्रलोभन हुआ और वे निवेश करना चाहते थे, और उन्होंने ऐसा ही किया। जैसा कि किस्मत में लिखा था, तीन महीने बाद उनके निवेश का मूल्य कम हो गया और वह चिंतित दिखाई देने लगे। वास्तविकता यही है कि जब आप कुछ नहीं जानते हैं, तो किसी ऐसे व्यक्ति से सीखना सबसे अच्छा तरीका है जो आपको सिखा सकता है या ध्यान से देख सकता है और आपके अंदर के कौशल को जगा सकता है।
निवेश का मतलब 100 फीसदी लाभ नहीं
मेरे पड़ोसी की बात करें तो, उसने पिछले दो वर्षों में हर किसी को पैसा कमाते हुए सुना था। लेकिन, उसने पैसे खोने वाले लोगों की तलाश करने के लिए कोई होमवर्क नहीं किया था। इसलिए, जब उन्होंने अपना पैसा लगाया, तो उन्होंने निवेश की कोई समय सीमा नहीं रखी थी और न ही निवेश के साथ जोखिम लेने की कोई सीमा रखी थी। उनकी अपेक्षाएँ वास्तविकता से काफी अलग थीं। इस प्रक्रिया में उन्हें पैसे का नुकसान हुआ। फिर मैंने उससे कहा कि वह इस बात पर विचार करें कि वह कितना जोखिम उठा सकते हैं और क्या वह निवेश करते समय पैसे खोने का सामना कर सकते हैं? वह शुरू में उलझन में थे और बताया कि जिस किसी से भी वह मिले थे सबने केवल पैसा कमाया था। तब मैंने उनसे कहा कि निवेश का मतलब 100 फीसदी रिटर्न नहीं है। इसका मतलब है कि समय के साथ उसके निवेश के मूल्य में वृद्धि और यह वृद्धि निवेश की समय सीमा और वह किस प्रकार के जोखिम उठा सकता है, उस पर निर्भर करता है।
एफडी में निश्चित कमाई, पर पर्याप्त नहीं
फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में पैसा जोखिम से मुक्त प्रतीत होता है, लेकिन रिटर्न महंगाई दर से कम हो तो इसमें मुद्रास्फीति को मात न देने का जोखिम होता है। उसी तरह, अगर कोई हर दिन इसकी कीमत में बदलाव देखता है तो स्टॉक एक्सचेंज पर किसी बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनी में निवेश करना जोखिम भरा लग सकता है। लेकिन, एक दशक में इसकी कीमत बढ़ाने के लिए यह एक अच्छा दांव हो सकता है।
मुनाफे के प्रकार को समझें
किसी वित्तीय साधन के काम करने के तरीके, निवेश से जुड़े जोखिम और इससे मिलने वाले रिटर्न के प्रकार को समझें। निवेश से जुड़ने का सबसे अच्छा तरीका समय के साथ निवेश को वित्तीय लक्ष्यों से जोड़ना है। इस तरह, सेवानिवृत्ति जैसा लक्ष्य 20-30 साल बाद हो सकता है और इसमें निवेश के लिए विभिन्न वित्तीय साधनों की जरूरत होती है। इसके विपरीत, आपात स्थिति के लिए पैसा बचत बैंक खाते या एफडी में रखा जाता है। जब आपके पैसे की बात आती है, तो अपनी अंगुलियां जलाने के बजाय विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रयास करें।
रिटर्न से अलग कर न देखें
हम अक्सर निवेश को रिटर्न से अलग करके देखने की गलती करते हैं। यह सही नहीं है। किसी निवेश को निवेश के मूल्य में वृद्धि के रूप में देखना चाहिए और उसके आधार पर ही निवेश को प्राथमिकता देने के लिए वित्तीय जरूरतों को समझना चाहिए।
उदाहरण के लिए, यदि आपको अब से कुछ महीनों में पैसे की जरूरत है, तो आप उसे किसी वित्तीय साधन में निवेश नहीं कर सकते हैं, जो बहुत जोखिम भरा है और आप अपने निवेश का 20 फीसदी खो सकते हैं। हालांकि, वही निवेश 18 महीने की अवधि में 20 फीसदी का अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसलिए, किसी को निवेश के साधन से जुड़े जोखिम को उतना ही समझना चाहिए जितना उन्हें अपनी जोखिम लेने की क्षमताओं को समझने की जरूरत है।