बैंक डूबने पर जमाकर्ताओं को आने वाले समय में एक लाख रुपये से ज्यादा का बीमा मिल सकेगा। केंद्रीय वित्त मंत्रालय इससे संबंधित कानून में संशोधन की तैयारी कर रहा है। केंद्र सरकार की योजना है कि इस कानून को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पारित करवा लिया जाए।
इससे बैंकों में जमा सभी तरह की राशि पर हर ग्राहक को एक लाख रुपये तक की रकम पर सुरक्षा मिलती है। इसका मतलब है कि अगर आपके बैंक में एक लाख रुपये से ज्यादा जमा हैं तो बैंक के डूबने की स्थिति में आपको सिर्फ एक लाख रुपये मिलेंगे। रिजर्व बैंक की सहायक कंपनी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन द्वारा बैंक जमाओं का बीमा किया जाता है। एजेंसी सीधे बैंक जमाकर्ताओं से कोई प्रीमियम नहीं लेती है, लेकिन बैंक कवर के लिए मामूली प्रीमियम का भुगतान करते हैं।