फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भ्रष्टाचार से लड़ने में भारतीय कंपनियां बेहतर, चीन पीछे

Mon, 11 Jul 2016 07:04 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के सर्वे के मुताबिक भारतीय कंपनियां पारदर्शिता के मामले में दुनिया में सबसे बेहतर है जबकि चीन की कंपनियां सबसे खराब। सोमवार को जारी इस सर्वे में बाजार में स्थापित कंपनीयों के भ्रष्टाचार से लड़ने के प्रयासों का आकलन किया गया है। इस सर्वे में दुनिया के 15 देशों की 100 कंपनियां शामिल थी। 
विज्ञापन


ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने कहा कि सर्वे के परिणाम काफी निराशाजनक है। ये परिणाम बताते है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भ्रष्टाचार से लड़ने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। 

इस सर्वे में ब्राजील, मैक्सिको और रूस जैसे देशों की भी कंपनियां शामिल थी। सर्वे में शामिल भारत की सभी 19 कंपनियों ने 10 में से 7.5 और उससे मिले जबकि चीन की तीन कंपनियों को शून्य अंक मिले। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का कहना है कि उसने कंपनियों के बारे में जानकारियां कॉरपोरेट वेबसाइट्स और अन्‍य सार्वजनिक उपलब्‍ध स्त्रोतों से ली है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

भारती एयरटेल रही पहले स्थान पर

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के इस सर्वे में इंडियन कंपनियों का दबदबा रहा। इसकी वजह इंडिया में फाइनेंशियल डिस्‍क्‍लोजर के लिए सख्‍त सरकारी नियम कानून होना है। भारतीय टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल इस सर्वे में 10 में से 7.3 नंबर के साथ पहले स्थान रही। एयरटेल के बाद इस सूची में टाटा और विप्रो की छह कंपनीयां शामिल है। टॉप 25 में चीन की सिर्फ एक कंपनी ही जगह बना पाई है।

सर्वे में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने चीन की 37 कंपनियों का आकलन किया है। इन कंपनियों का औसत स्कोर महज 1.6 रहा जोकि सबसे खराब प्रदर्शन था। इसका कारण चीन में भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कोई सख्त कानून ना होना है। 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें