ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के सर्वे के मुताबिक भारतीय कंपनियां पारदर्शिता के मामले में दुनिया में सबसे बेहतर है जबकि चीन की कंपनियां सबसे खराब। सोमवार को जारी इस सर्वे में बाजार में स्थापित कंपनीयों के भ्रष्टाचार से लड़ने के प्रयासों का आकलन किया गया है। इस सर्वे में दुनिया के 15 देशों की 100 कंपनियां शामिल थी।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने कहा कि सर्वे के परिणाम काफी निराशाजनक है। ये परिणाम बताते है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भ्रष्टाचार से लड़ने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है।
इस सर्वे में ब्राजील, मैक्सिको और रूस जैसे देशों की भी कंपनियां शामिल थी। सर्वे में शामिल भारत की सभी 19 कंपनियों ने 10 में से 7.5 और उससे मिले जबकि चीन की तीन कंपनियों को शून्य अंक मिले। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का कहना है कि उसने कंपनियों के बारे में जानकारियां कॉरपोरेट वेबसाइट्स और अन्य सार्वजनिक उपलब्ध स्त्रोतों से ली है।