भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस साल अर्थव्यवस्था ज्यादा तेजी से बढ़ेगी और 9.2 फीसदी की वृद्धि दर की अनुमानित दर से बढ़ेगी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था के 2021-22 में 9.2 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 7.3 फीसदी दर्ज किया गया था। इसकी वजह मुख्य रूप से कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों के प्रदर्शन में सुधार को बताया जा रहा है।
भारत समेत दुनियाभर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच चालू वित्त वर्ष में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ के अनुमान को घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कम कर दिया था। इंडिया रेटिंग्स ने कहा कि ओमिक्रॉन के संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए एहतियात के तौर पर कई राज्यों ने पाबंदी लगानी शुरू कर दी है। इससे आर्थिक और कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ेगा, जिससे चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर 0.10 फीसदी तक घटकर 9.3 फीसदी रह सकती है।
वर्तमान में जीडीपी का ये है हाल
हाल ही में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए देश की जीडीपी के आंकड़े को देखें तो जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी -7.4 फीसदी से बढ़कर अब 8.4 फीसदी हो गई है। आरबीआई ने रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 9.5 फीसदी पर बरकरार रखा है।